राजीव खंडेलवाल की बेबसी, बोले- मैं अपनी मां का गुनहगार हूं, आप ये गलती मत करना
क्या है खबर?
मशहूर अभिनेता राजीव खंडेलवाल का हाल ही में अपनी मां के निधन पर बात कर दर्द छलक पड़ा। एक इंटरव्यू के दौरान राजीव ने सालों पुराना वो मलाल साझा किया, जिसका बोझ वो आज भी अपने दिल पर लेकर जी रहे हैं। मां की बीमारी से जुड़ी एक ऐसी चूक, जिसने उन्हें खुद की नजरों में 'गुनहगार' बना दिया। क्या थी वो वजह, जिसके चलते राजीव आज भी खुद को माफ नहीं कर पा रहे हैं, आइए जानते हैं।
दर्द
'तुम ही हो' के मंच पर छलका राजीव का दर्द
रियलिटी शो 'तुम ही हाे' के दौरान राजीव ने अंडाशय कैंसर जैसे गंभीर और निजी विषय पर बात की। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए स्वीकार किया कि वो अपनी मां में कैंसर के शुरुआती लक्षणों को समय रहते नहीं पहचान पाए थे। इस देरी के लिए खुद को दोषी मानते हुए राजीव ने कहा कि उनके मन में इस बात का गहरा 'मलाल' है। अपनी आपबीती सुनाने के साथ ही राजीव ने दर्शकों और फैंस से एक खास अपील की।
पछतावा
मां के कैंसर को न पहचान पाने के दर्द से टूटे अभिनेता
राजीव ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक और सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि किसी और को वैसा पछतावा न हो जैसा वो आज भी महसूस कर रहे हैं। अभिनेता ने अपनी मां के अंडाशय कैंसर पर खुलकर बात की। उन्होंने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, "मैं काफी हद तक इसके लिए खुद को गुनहगार समझता हूं, क्योंकि मम्मी को जो लक्षण हुए थे, तब मैं उन्हें समझ नहीं पाया।"
भावुक अपील
"मैं अपनी मां को नहीं बचा सका, आप अपनों का ख्याल रखें"
राजीव बोले, "ये शो भारत की सभी महिलाओं को समर्पित है, इसलिए मैं आप सभी से गुजारिश करना चाहूंगा कि अगर किसी को लंबे समय तक पीठ दर्द, भूख कम लगना, पेट में सूजन या गैस जैसी समस्या हो तो कृपया जाकर अपना टेस्ट जरूर करवाएं। ओवेरियन कैंसर का समय पर इलाज संभव है। मैं अपनी मां को तो नहीं बचा पाया, लेकिन आपके आस-पास जो महिलाएं हैं, आप उनके लिए सोच सकते हैं और उन्हें समझ सकते हैं।"
निधन
साल 2018 में कैंसर से जंग हार गई थीं राजीव की मां
बता दें कि राजीव की मां का निधन साल 2018 में हुआ था। वे लगभग डेढ़ साल तक कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बहादुरी से लड़ी थीं। उस समय राजीव ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों को इस दुखद खबर की जानकारी दी थी। राजीव ने लिखा था, 'डेढ़ साल तक कैंसर से लड़ने के बाद मेरी मां का निधन हो गया। हमने पूरी कोशिश की, उम्मीदें जगाईं, लेकिन उन्हें बचा नहीं सके। मां अब मेरे भीतर जीवित है।'