प्रीति जिंटा ने क्यों खटखटाया बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा? 6 जुलाई को आएगा फैसला
क्या है खबर?
प्रीति जिंटा किसी न किसी कारण हमेशा चर्चा में रहती हैं। फिलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट जाकर उन्होंने लोगों का ध्यान खींच लिया है। अभिनेत्री ने यह कदम AI निर्मित डीपफेक छवियों और उनके चेहरे वाली मॉर्फ्ड सामग्री पर रोक लगाने के मकसद से उठाया है। 3 जुलाई को हुई सुनवाई में, जस्टिस माधव जामदार ने संकेत दिया कि वह 6 जुलाई (सोमवार) को आदेश पारित करेंगे, जब दोनों पक्ष मिलकर वेबसाइट से आपत्तिजनक सामग्री हटाने का एक तरीका ढूंढ लें।
आरोप
एकतरफा आदेश जारी करने की मांग
मुकदमे में गूगल और मेटा समेत डोमेन नाम रजिस्ट्रारों और उल्लंघनकर्ताओं को प्रतिवादी बनाया है। अभिनेत्री के वकील वेंकटेश धोंड ने बताया कि डीपफेक तस्वीरों में सुधार हो रहा है, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो चुका है। उन्होंने कोर्ट से तत्काल एकतरफा आदेश जारी करने की मांग की, जिससे आपत्तिजनक सामग्री हट जाए। इसके अलावा, वकील ने 'जॉन डो' आदेश और निषेधाज्ञा देने की मांग भी की, जिसमें उल्लंघनकर्ताओं को अनधिकृत सामग्री पोस्ट करने से प्रतिबंध किया गया हो।
आग्रह
6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
उधर गूगल और मेटा की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट से कहा कि उन्हें पहचानी गई सामग्री के लिंक हटाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने आग्रह किया कि गैर-उल्लंघनकारी सामग्री की सक्रिय रूप से निगरानी करने या उसे हटाने के लिए कोई व्यापक निर्देश जारी न किया जाए। फिलहाल, कोर्ट ने असली और गलत लिंक्स पहचानने के लिए दोनों पक्षों को एक व्यावहारिक तरीका तैयार करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।