ऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि न मिलने पर भड़के शत्रुघ्न सिन्हा, बोले- शर्म की बात
क्या है खबर?
ऑस्कर 2026 की चकाचौंध के बीच एक बड़ी लापरवाही ने भारतीय सिनेमा प्रेमियों को नाराज कर दिया है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर इस साल 'इन मेमोरियम' (श्रद्धांजलि) सेक्शन से भारतीय सिनेमा के 'ही-मैन' धर्मेंद्र का नाम गायब रहा। एकेडमी की इस चूक पर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने इस अनदेखी को न केवल 'शर्मनाक' बताया, बल्कि इसे भारतीय फिल्म जगत के एक महान योगदानकर्ता का अपमान करार दिया है।
अनदेखी
ऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र की अनदेखी
लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित ऑस्कर 2026 में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब श्रद्धांजलि खंड में भारतीय सिनेमा के दिग्गज धर्मेंद्र का नाम शामिल नहीं किया गया। समारोह के दौरान रॉबर्ट रेडफोर्ड, रॉब रेनर और डायने कीटन जैसे हॉलीवुड दिग्गजों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन श्रद्धांजलि की इस सूची से धर्मेंद्र का नाम गायब था, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को छह दशकों से अधिक का समय दिया और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
प्रतिक्रिया
बड़ी शर्म की बात है- शत्रुघ्न
शत्रुघ्न ने इस अनदेखी पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए एकेडमी को कड़े शब्दों में आड़े हाथों लिया है। उन्होंने वैराइटी इंडिया से कहा, "वो हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसे हैं, हम भारतीयों को ऑस्कर की मंजूरी की जरूरत क्यों है? अगर वे दिलीप कुमार, लता मंगेशकर और अब धर्मेंद्र जैसे महान कलाकारों को सम्मानित नहीं करते हैं तो ये उनके (एकेडमी) लिए शर्म की बात है। इससे हमें भला क्या फर्क पड़ता है?"
बयान
ईशा देओल बोलीं- पापा की चिंता छोटी चीजों से कभी नहीं थी
एक तरफ शत्रुघ्न ने नाराजगी जाहिर की, वहीं धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल का नजरिया थोड़ा अलग और बेहद भावुक है वो बोलीं, "मुझे नहीं लगता कि इससे पापा को कभी कोई फर्क पड़ेगा। उनका दिल हमेशा से इन छोटी चीजों की चिंता करने के लिए बहुत बड़ा रहा है। उनके लिए जीवन कभी पहचान या ओहदे के बारे में नहीं था। ये हमेशा प्यार, दयालुता और लोगों के दिलों में उनके लिए जो जगह है, उसके बारे में था।"
नाराजगी
धर्मेंद्र के अपमान पर याद आया कंगना का गुस्सा
साल 2022 में जब लता मंगेशकर को ऑस्कर और ग्रैमी दोनों में याद नहीं किया गया था, तब कंगना रनौत ने कहा था, "हमें ऐसे किसी भी स्थानीय अवॉर्ड शो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय होने का दावा तो करते हैं, लेकिन विचारधारा के आधार पर महान कलाकारों को जानबूझकर नजरअंदाज और दरकिनार कर देते हैं।" बता दें कि धर्मेंद्र की ऑस्कर में अनदेखी से उनके फैंस भी सोशल मीडिया पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।