ऑस्कर पहुंची फिल्म पर भारत में 'पहरा', गाजा युद्ध की कहानी से क्यों डरा सेंसर बोर्ड?
क्या है खबर?
ऑस्कर की दहलीज तक पहुंच गई गाजा की एक 5 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक कहानी अब भारत में सेंसरशिप के भंवर में फंस गई है। फिल्म 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब' की रिलीज पर भारत में तलवार लटक गई है। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को हरी झंडी देने से इसलिए मना कर दिया है, क्योंकि इसकी संवेदनशीलता भारत और इजरायल के मजबूत कूटनीतिक रिश्तों के बीच दीवार बन सकती है। आइए जानें इस पूरे विवाद की जड़।
रिपोर्ट
CBFC ने रोकी 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब'
दुनियाभर में सराही गई और ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब' की भारत में रिलीज पर तलवार लटक गई है। वैराइटी की नई रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के भारतीय वितरक ने दावा किया है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने इसे सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है। बोर्ड को डर है कि इस फिल्म के प्रदर्शन से भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है।
बयान
भारतीय वितरक ने किया खुलासा
ये फिल्म गाजा के युद्धग्रस्त माहौल में एक कार में फंसी 6 साल की मासूम बच्ची की मर्मस्पर्शी और सच्ची कहानी को बयां करती है, जिसे अब भारतीय सिनेमाघरों तक पहुंचने के लिए सेंसरशिप की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। फिल्म इसी महीने भारत में रिलीज होने वाली थी। फिल्म के भारतीय वितरक मनोज नंदवाना ने खुलासा किया है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से साफ इनकार कर दिया है।
नाराजगी
CBFC को कूटनीतिक रिश्तों का डर, वितरक ने बताया 'मूर्खता
नंदवाना के अनुसार, बोर्ड के एक सदस्य ने उन्हें यहां तक कह दिया कि अगर ये फिल्म भारत में रिलीज हुई तो इससे भारत और इजरायल के बीच के कूटनीतिक रिश्ते टूट सकते हैं।" मनोज नंदवाना ने सेंसर बोर्ड के इस तर्क पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, "मैंने उनसे साफ कहा कि भारत और इजरायल के संबंध इतने मजबूत हैं कि यह सोचना भी मूर्खता है कि एक फिल्म उन्हें तोड़ देगी।"
बहस
दुनिया में दिखी, भारत में रुकी
नंदवाना ने कहा, "द वॉयस ऑफ हिंद रजब अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस समेत कई देशों में रिलीज हो चुकी है, जिनके इजरायल से मजबूत संबंध हैं। इसके बावजूद भारत में इसे सेंसर किया जा रहा है।" उनका कहना है कि जब अन्य देशों में इसे खतरा नहीं माना गया तो भारत में रोकना तर्कसंगत नहीं है। ऑस्कर की दौड़ में शामिल इस फिल्म का भारत में रुकना अब फिल्म जगत और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ रहा है।
कहानी
क्या है फिल्म की कहानी?
ये फिल्म एक डॉक्यू-ड्रामा है, जो गाजा में इजरायली गोलीबारी के बीच कार में फंसी 6 साल की हिंद रजब को बचाने की 'फिलिस्तीनी रेड क्रीसेंट सोसाइटी' की जद्दोजहद दिखाती है। हिंद रजब की सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म का प्रीमियर 82वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसे ग्रैंड जूरी प्राइज समेत 6 पुरस्कार मिले। कौथर बेन हनिया के निर्देशन में बनी और साजा किलानी व मोतज मल्हीस अभिनीत ये फिल्म नवंबर 2025 में रिलीज हुई थी।