NCLT ने रिलायंस एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिवालियापन याचिका की स्वीकार, जानिए पूरा मामला
बिजनेस जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने पेन इंडिया की रिलायंस एंटरटेनमेंट स्टूडियोज के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ा मामला स्वीकार कर लिया है।
यह मामला 14 नवंबर, 2022 के 20 करोड़ रुपये के सिक्योरिटी डिपॉजिट के समझौते से जुड़ा है। इस पर हर साल 21 फीसदी ब्याज तय किया गया था, जो हर महीने चक्रवृद्धि ब्याज के तौर पर जुड़ता था।
पेन इंडिया का कहना है कि 30 जून, 2024 तक रिलायंस पर उनके 11.94 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।
NCLT ने किसे वित्तीय ऋण माना?
पेन इंडिया ने दावा किया कि रिलायंस ने पूरा पैसा वापस नहीं किया, यहां तक कि 31 अक्टूबर, 2023 को फ्राइडे फिल्मवर्क्स के जरिए 15 करोड़ रुपये मिल गए थे।
रिलायंस का कहना था कि यह सिर्फ एक सिक्योरिटी डिपॉजिट था, कर्ज नहीं। उनकी जिम्मेदारी तीसरे पक्ष के अधिकारों पर निर्भर थी, लेकिन NCLT इस बात से सहमत नहीं हुआ।
ट्रिब्यूनल ने इसे वित्तीय ऋण माना और दिवालिया प्रक्रिया शुरू कर दी, क्योंकि रिलायंस भुगतान की समय-सीमा चूक गया था।
यह फैसला भारत के मनोरंजन उद्योग और कॉर्पोरेट कानून के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।