
संगीत के सरताज राशिद खान का निधन, ममता बनर्जी बोलीं- बहुत दर्द में हूं
क्या है खबर?
मनोरंजन जगत से जुड़ी एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, दिग्गज शास्त्रीय गायक सरताज राशिद खान अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने 55 की उम्र में आखिरी सांस ली।
शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड को भी कई यादगार गीत दिए हैं।
उनके जाने संगीत जगत में सन्नाटा पसर गया है, वहीं सोशल मीडिया पर राशिद के चाहनेवाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राशिद कैंसर से जूझ रहे थे
दुखद
पिछले महीने आया था सेरेब्रल अटैक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने उन्हें सेरेब्रल अटैक आया था, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई थी। शुरुआत में टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, बाद में उन्होंने कोलकाता में अपना इलाज जारी रखने का फैसला किया।
उनका इलाज कोलकाता के SSKM अस्पताल में 22 नवंबर से चल रहा था और शुरुआत में इलाज से राशिद की सेहत में सुधार भी आ रहा था।
गायक का अंतिम संस्कार 10 जनवरी को किया जाएगा।
शोक
ममता बनर्जी ने जताया शोक
डॉक्टर ने PTI-भाषा को बताया, " राशिद खान की हालत बहुत गंभीर थी और उन्हें ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया था। वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी थे।
राशिद की मौत पर शोक जताते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "यह पूरे देश और पूरे संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। मैं बहुत दर्द में हूं, क्योंकि मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि राशिद खान अब नहीं रहे।
बीमारी
प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे उस्ताद
राशिद प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे। लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था। वह रामपुर-सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे। जिसका संबंध ग्वालियर घराने की गायन शैली से माना जाता है।
उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बंदायू में हुआ था।
संगीत की शुरुआती शिक्षा राशिद ने अपने नाना उस्ताद निसार हुसैन से ली थी। वह उस्ताद इनायत हुसैन खान के पड़पोते थे। 1980 में 14 की उम्र में राशिद अकादमी में शामिल हो गए थे।
लोकप्रियता
कई लोकप्रिय गानों में लगाए सुर
राशिद के लोकप्रिय गानों में करीना कपूर और शाहिद कपूर की फिल्म 'जब वी मेट' का आओगे जब तुम ओ साजना' शामिल है।
उन्होंने फिल्म 'किसना: द वॉरियर पोए ट' के गाने काहे उजाड़ी मोरी नींद, तोरे बिना मोहे चैन नहीं, फिल्म 'माय नेम इज खान' का अल्लाह ही रहम, फिल्म 'शादी में जरूर आना' का तू बनजा गली संग आदि गाने गाए थे।
उन्हें 2006 में पद्मश्री और 2022 में पद्म भूषण से नवाजा गया था।