मुंबईकरों की जेब पर मार, सिनेमा टैक्स 6 गुना बढ़ाने की तैयारी; BMC का बड़ा प्रस्ताव
क्या है खबर?
मुंबई में वीकेंड पर फिल्म देखना और कॉन्सर्ट का मजा लेना जल्द महंगा हो सकता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सिनेमाघरों और लाइव शो पर लगने वाले मनोरंजन कर को करीब 6 गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर ये प्रस्ताव लागू होता है तो मल्टीप्लेक्स से लेकर नाटक और कॉन्सर्ट तक के टिकटों पर लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा। BMC करीब 57 साल बाद मनोरंजन कर में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।
प्रस्ताव
1969 के बाद पहली बार बढ़ेगा थिएटर टैक्स
ये टैक्स सिनेमाघर मालिकों और कॉन्सर्ट आयोजकों द्वारा BMC को भरा जाता है।
हालांकि, इसका अंतिम बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा, क्योंकि आयोजक इसे टिकट की कीमतों में जोड़ देते हैं।
BMC के अनुसार, ये टैक्स पहली बार 1969 में लागू किया गया था और तब से इसकी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव सबसे पहले 2015 में लाया गया था, जिसे हाल ही में BMC की विधि समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कीमत
मुंबई में महंगे होंगे सिनेमा और कॉन्सर्ट
BMC के नए प्रस्ताव में मुंबई के एसी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स का मनोरंजन टैक्स 60 से बढ़ाकर सीधे 400 रुपये करने की बात कही गई है, जो करीब 570 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है, वहीं नॉन-AC थिएटरों का टैक्स 45 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया जाएगा।
इसके अलावा कॉन्सर्ट्स और नाटकों जैसे लाइव इवेंट्स पर टैक्स 50 से बढ़ाकर 100 और अन्य मनोरंजन शोज के लिए इसे 25 से बढ़ाकर 75 रुपये करने का सुझाव दिया गया है।
छूट
मराठी-गुजराती शो को मिलेगी 100 प्रतिशत छूट
प्रस्ताव में मिनी थिएटरों और वीडियो स्क्रीन हॉल के लिए 90 रुपये प्रति टिकट का नया टैक्स शामिल है।
हालांकि, क्षेत्रीय सिनेमा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मराठी व गुजराती फिल्मों, नाटकों और कॉन्सर्ट्स को इस टैक्स से 100 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान रखा गया है।
अगर राज्य सरकार इस नई टैक्स संरचना को मंजूरी देने से इनकार करती है तो वर्ष 2027-28 तक पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
टैक्स
वर्तमान में कितना लगता है टैक्स?
मौजूदा समय में मुंबई के AC सिनेमाघर 60 रुपये और नॉन-AC थिएटर 45 रुपये प्रति शो मनोरंजन कर देते हैं, वहीं नाटकों व अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों पर 25 रुपये प्रति शो और सर्कस व मेलों पर 50 रुपये रोजाना टैक्स लगता है।
इसके अलावा, जो करदाताओं हर महीने की 5 तारीख तक एडवांस टैक्स जमा करते हैं, उन्हें मिलने वाली 6 प्रतिशत की छूट को साल 2027-28 तक जारी रखने का प्रस्ताव दिया गया है।