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मौसमी चटर्जी बोलीं- बिगड़े हुए नवाब थे राजेश खन्ना, उनका अकेलापन उनके 'कर्मों का फल' था
मौशमी चटर्जी का कड़ा प्रहार- बिगड़े नवाब थे राजेश खन्ना

मौसमी चटर्जी बोलीं- बिगड़े हुए नवाब थे राजेश खन्ना, उनका अकेलापन उनके 'कर्मों का फल' था

May 08, 2026
07:19 pm

क्या है खबर?

दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ 'अनुराग', 'प्रेम बंधन' और 'भोला भला' जैसी फिल्मों में काम किया था। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर मौसमी ने हाल ही में 'काका' के साथ अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। मौसमी ने 'काका' के व्यवहार की आलोचना करते हुए उन्हें 'बिगड़ा हुआ नवाब' करार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने राजेश के आखिरी दिनों के अकेलेपन को उनके 'कर्मों का फल' बताया है। क्या कुछ बोलीं मौसमी, आइए जानते हैं।

दो टूक

"ये सब कर्मों का फल है"

NDTV से मौसमी बोलीं, "राजेश खन्ना एक बिगड़े हुए नवाब थे। उनकी सफलता हमेशा उनके सिर चढ़कर बोलती थी।" जब मौसमी से पूछा गया कि क्या उन्होंने काका में वो अकेलापन महसूस किया था तो उन्होंने कहा, "नहीं, ये सब कर्मों का फल है। जिस तरह आप अपना जीवन संवारते हैं, आप वो होने का ढोंग करते हैं, जो आप वास्तव में नहीं हैं और जिस तरह से आप अपने रिश्तों को निभाते हैं, वही आपका भविष्य तय करता है।"

अकेलापन

"हर कोई इस दौर से गुजरता है, इसे अपनी पूरी जिंदगी न समझें"

मौसमी ने आगे कहा, "अगर आप कहते हैं कि हर कोई अकेला है तो आपको पता होना चाहिए कि अपने अकेलेपन का आनंद कैसे लिया जाए। अकेलापन महसूस न करें। मुझे अकेले रहना पसंद है। मैंने जीवन में उस खालीपन को देखा है, हर कोई इससे गुजरता है। किशोर कुमार और मधुबाला को देख लीजिए, वो सब इस दौर से गुजरे। जो कुछ भी हो रहा है, वह आपके जीवन का एक हिस्सा है, वो आपकी पूरी जिंदगी नहीं है।"

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दबदबा

इंडस्ट्री में शीर्ष पर बैठे लोग खुद को भगवान समझते थे- मौसमी

बॉलीवुड में ऊंच-नीच पर बात कर मौसमी ने कहा, "जो भी शीर्ष पर होता था, उसे लगता था कि उसकी हर बात मानी जानी चाहिए। जो कोई भी राज करता है, उसे लगता है कि वह हर चीज पर राज कर सकता है। इंडस्ट्री में ये हमेशा से रहा है।" इससे पहले एक इंटरव्यू में मौसमी ने कहा था कि राजेश गंदी राजनीति करते थे, लेकिन आखिरी दिनों में उन्होंने मौसमी की बेटी के सामने उनकी काफी तारीफ की थी।

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बेबाक

बड़े-बड़े अभिनेताओं पर भारी पड़ी मौसमी की बेबाकी

मौसमी बॉलीवुड और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने अपनी शर्तों पर काम किया। वह अपनी चुलबुली, खुशमिजाज व्यक्तित्व, मासूमियत और अपनी शानदार मुस्कान के साथ-साथ अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। वो कभी भी किसी बड़े सुपरस्टार (चाहे वो राजेश खन्ना हों या कोई और) से दबकर नहीं रहीं। उन्होंने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि वो गलत बात बर्दाश्त नहीं करती थीं, इसलिए बड़े-बड़े अभिनेता भी उनसे उलझने से डरते थे।

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