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राजपाल यादव बोले- सच सामने आएगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा
राजपाल यादव ने कहा- समय सबसे बड़ा जज

राजपाल यादव बोले- सच सामने आएगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा

Feb 19, 2026
02:49 pm

क्या है खबर?

चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद मशहूर अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में कहा कि उन्हें लोगों की 'सहानुभूति' से ज्यादा अब 'समय' की जरूरत है, ताकि वो अपनी बेगुनाही साबित कर सकें। करीब 3 दशकों से दर्शकों को हंसाने वाले इस कलाकार ने अपने गृहनगर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वक्त सबसे बड़ा जज होता है और वही सही फैसला करेगा।

दो टूक

"समय सब दूध का दूध और पानी का पानी कर देगा"

ANI से बातचीत में राजपाल ने कहा, "मुझे आप सभी से हमेशा सहानुभूति मिली है, और इसीलिए मैं आज यहां हूं, लेकिन इस वक्त मुझे सहानुभूति से ज्यादा समय की जरूरत है। वक्त सबसे बड़ा जज होता है। वो सही फैसला करता है। जो भी हो, समय पूरा सच सामने लाएगा और दूध का दूध और पानी का पानी कर देगा।" अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए राजपाल ने भारतीय न्यायपालिका के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया।

आभार

राजपाल का 30 सालों का आभार

राजपाल बाेले, "मैं खुद को बचपन से एक छोटे से बीज की तरह मानता हूं, जिसे बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं के आशीर्वाद ने सींचा और बड़ा किया है। अगले साल बॉलीवुड में अभिनेता के 30 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस बीच उन्होंने जो प्यार और सम्मान पाया, उसके लिए वो आभारी हैं। उन्होंने अपने शुभचिंतकों और फिल्मी साथियों का शुक्रिया अदा कर कहा कि कठिन समय में साथ खड़े रहने वालों का कर्ज वो कभी नहीं चुका पाएंगे।

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ट्विटर पोस्ट

राजपाल यादव का वीडियो

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संदेश

राजपाल यादव बोले- हर दिन नई शुरुआत, हर दिन नया अनुभव

अपनी बात को विराम देते हुए राजपाल ने एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हर दिन एक नई शुरुआत है। हर दिन सीखने का दिन है। हर दिन एक नया दिन है।" राजपाल इस समय उत्तर प्रदेश में अपने गृहनगर शाहजहांपुर (शाहजहानाबाद) में हैं, जहां वो अपनी भतीजी की शादी के समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। बता दें कि चेक बाउंस से जुड़े मामले में अदालत में अगली सुनवाई अब 18 मार्च को होनी तय है।

मामला

मामले की शुरुआत, 2010 का वो कर्ज

विवाद की शुरुआत 2010 में हुई थी, जब राजपाल अपनी पहली फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लेने दिल्ली के एक बिजनेसमैन के पास गए। फिल्म फ्लॉप हुई और कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। 2018 में दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के मामलों में उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई और तिहाड़ भेजा। तभी से ये कानूनी लड़ाई जारी है।

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