दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' पर सरकार का बड़ा फैसला, फिल्म के कंटेंट की होगी जांच
क्या है खबर?
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' स्ट्रीमिंग प्लेटफाॅर्म ZEE5 से हटने के बाद से विवादों में हैं। ANI के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म की विषय-वस्तु की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति (IDC) का गठन किया है। 'सतलुज' फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के लापता होने की घटना से प्रेरित है। इसकी कहानी साल 1990 में पंजाब पुलिस द्वारा की गई गैर-कानूनी हत्याओं और जबरन अपहरण किए जाने की घटनाओं को दिखाती है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
Information and Broadcasting Sources- "The Ministry of Information and Broadcasting (MIB) has set up a high-level Inter-Departmental Committee (IDC) to examine the content of the Diljit Dosanjh-starrer Satluj, a film inspired by the disappearance of a Punjab-based human rights… pic.twitter.com/4tbdi68xad
— ANI (@ANI) July 7, 2026
फैसला
'सतलुज' की विषय-वस्तु की जांच करेगी समिति
सूचना एवं प्रसारण सूत्रों के अनुसार, अंतर-विभागीय समिति 'सतलुज' के विषय-वस्तु की जांच करेगी और फिर केंद्र को सिफारिशें देगी। दरअसल, फिल्म को 4 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन 48 घंटे बाद इसे हटा दिया गया। इसे हटाने का कारण बताते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि 'सतलुज' के कुछ दृश्यों का दुरुपयोग भारत विरोधी ताकतों द्वारा किया जा सकता है। हालांकि, फिल्म हटने से दर्शक खफा हो गए और उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई।
विवाद
सेंसर बोर्ड से नहीं मिली थी मंजूरी
मूल रूप से 'पंजाब 95' शीर्षक वाली यह फिल्म लंबे समय से सेंसर बोर्ड के पास अटकी हुई थी। शुरुआत में बोर्ड ने इसमें 120 से ज्यादा बदलाव किए गए, लेकिन फिर भी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नतीजन, निर्माताओं ने इसे OTT पर रिलीज करने का फैसला लिया, क्योंकि डिजिटल कंटेंट को किसी प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, मंत्रालय ने तर्क दिया कि फिल्म को बिना प्रमाणन प्रक्रिया पूरी किए सिर्फ नाम बदलकर रिलीज किया गया।