मलयालम फिल्म निर्माता आर सरथ का निधन, अस्पताल में ली अपनी अंतिम सांस
क्या है खबर?
मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय फिल्म निर्माता आर सरथ का निधन हो गया है। मातृभूमि की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 63 साल की उम्र में केरलम के तिरुवनंतपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर से सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि, निर्माता के निधन की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर फैंस और सिनेमा जगत के कलाकारों ने फिल्म निर्माता के निधन पर शोक जताया है।
करियर
डॉक्यूमेंट्री से शुरू हुआ उनके करियर का सफर
सरथ ने अपने करियर की शुरुआत डॉक्यूमेंट्री से की थी। कला, संस्कृति और विरासत उनके शुरुआती कार्यों के प्रमुख विषय थे। 'द पेंटेड एपिक्स' उनकी महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है।
डॉक्यूमेंट्री बनाते समय, उन्होंने महान कलाकार राजा रवि वर्मा से जुड़ी दुर्लभ भित्ति चित्रकारी की खोज की। केरल की भित्ति चित्रकारी परंपराओं पर उनके शोध ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता दिलाई।
वहीं, 1996 में उन्हें भारत सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा जूनियर फेलोशिप से सम्मानित किया गया था।
फिल्में
सरथ का सिनेमा में योगदान
उन्होंने लघु डॉक्यूमेंट्री 'भूमिकोरु चरमगीथम' का निर्देशन किया था।
इसके अलावा, वह भारत की पहली प्रमुख मल्टीमीडिया प्रस्तुति मानी जाने वाली 'गीत गोविंदा' में भी शामिल थे। वे इसके दृश्य निर्देशक थे। इस मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट की पटकथा डॉ कपिला वत्स्यायन ने 1997 में लिखी थी।
अपने करियर में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ फिल्म, द्वितीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म और सर्वश्रेष्ठ कहानी सहित कई श्रेणियों में इंदिरा गांधी समेत कई पुरस्कार जीते थे।
सरथ की आखिरी निर्देशित फिल्म 'स्वयं: सेल्फलेस' थी।