राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का निधन, उम्र संबंधी बीमारी से थीं पीड़ित
क्या है खबर?
मलयालम सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का निधन हो गया है। उनकी उम्र 83 साल थी और उम्र संबंधी बीमारियों से लड़ते हुए उन्होंने 23 सितंबर को केरलम के कोझिकोड में अपनी अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर से सिनेमा में शोक व्याप्त हो गया है। सावित्री को 2018 में आई चर्चित फिल्म 'सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया' में 'उम्मा' की भूमिका के लिए जाना जाता था। इस मलयालम फिल्म के जरिए ही उन्होंने व्यापक पहचान हासिल की थी।
सफर
रंगमंच से राष्ट्रीय स्तर तक तय किया था सफर
सिनेमा में आने से पहले, सावित्री ने रंगमंच पर लोकप्रियता बटोरी थी।
फिर 2018 में रिलीज हुई सौबिन शाहिर की फिल्म 'सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया' में उन्होंने 'जमीला' का किरदार निभाया था, जिसे लोग उम्मा के नाम से याद करते हैं। इसमें उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने बेहद सराहा।
यही नहीं, 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में उन्हें इस शानदार अभिनय के लिए 'विशेष उल्लेख' से सम्मानित किया गया और सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री के लिए केरल राज्य फिल्म पुरस्कार मिला।
करियर
सावित्री का फिल्म डेब्यू और अन्य फिल्में
सावित्री ने एमटी वासुदेवन नायर द्वारा निर्देशित फिल्म 'कडावु' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसमें उन्होंने एक मां का किरदार निभाया था।
हालांकि, उन्हें देशव्यापी प्रसिद्धी दिलाने का काम 'सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया' ने किया था। उनकी अन्य चर्चित फिल्मों में 'वलियांगडी', 'ब्रेकफास्ट', 'द मैंगो पीपल', 'डाकिनी', 'पाडा', 'पाप्पन' और 'क्रिस्टी' जैसे नाम शामिल हैं।
उन्होंने अधिकतर फिल्मों में मां, दादी और अन्य सहायक किरदारों को निभाकर दर्शकों से सराहना हासिल की थी।