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भारतीय शिक्षा व्यवस्था के कड़वे सच को दिखाती हैं ये 5 फिल्में
ये फिल्में दिखाती हैं, भारतीय शिक्षा व्यवस्था का असली चेहरा

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के कड़वे सच को दिखाती हैं ये 5 फिल्में

Jul 20, 2026
07:25 pm

क्या है खबर?

भारत की शिक्षा व्यवस्था अक्सर परीक्षा के दबाव, अंकों की प्रतिस्पर्धा और छात्रों पर बढ़ती अपेक्षाओं जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में रहती है। इन चुनौतियों को बॉलीवुड ने भी कई फिल्मों के जरिए बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा है। अगर आप ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं, जो मनोरंजन के साथ शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई और छात्रों के संघर्ष को करीब से दिखाती हैं, तो इन 5 बेहतरीन फिल्मों को आप जरूर देखिए।

#1 & #2

'तारे जमीन पर' और '3 इडियट्स'

'तारे जमीन पर' साल 2007 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म डिस्लेक्सिया से जूझ रहे एक ऐसे लड़के की कहानी है, जिसे सब आलसी समझते थे, लेकिन एक संवेदनशील आर्ट टीचर ने अनोखे तरीकों से उसकी असली रचनात्मक प्रतिभा को सबके सामने लाया।

साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म '3 इडियट्स' की कहानी भारत के इंजीनियरिंग कल्चर में मौजूद भारी दबाव को चुनौती देती है। यह पढ़ाई-लिखाई में चल रहे कॉम्पिटिशन और माता-पिता की उम्मीदों की आलोचना करती है।

#3 & #4

'हिंदी मीडियम' और 'सुपर 30'

साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'हिंदी मीडियम' एक सोशल कॉमेडी फिल्म है। इसमें दिखाया गया है कि एक मध्यम वर्ग के माता-पिता अच्छे प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन पाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं।

2019 में आई 'सुपर 30' में ऋतिक रोशन मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म उन जरूरतमंद और बेहद होनहार छात्रों को कोचिंग देने के सफर को दिखाती है, जो बहुत मुश्किल माने जाने वाले IIT प्रवेश परीक्षा को पास करना चाहते हैं।

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जानकारी

#5 'चाक एंड डस्टर'

साल 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'चाक एंड डस्टर' की कहानी शिक्षकों पर केंद्रित है और दिखाती है कि कैसे स्कूलों का व्यवसायीकरण शिक्षकों का शोषण करता है। इसमें शबाना आजमी, जूही चावला और जरीना वहाब जैसे सितारे मुख्य भूमिका में हैं।

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