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कैलाश खेर का फूटा गुस्सा, बोले- क्या फौजी से भी कहोगे कि एक गोली चलाकर दिखाओ?
कैलाश खेर को आया गुस्सा

कैलाश खेर का फूटा गुस्सा, बोले- क्या फौजी से भी कहोगे कि एक गोली चलाकर दिखाओ?

Apr 26, 2026
05:49 pm

क्या है खबर?

पद्मश्री गायक कैलाश खेर दिल्ली के एक कार्यक्रम में उस वक्त आपा खो बैठे, जब होस्ट ने उन्हें अचानक मंच पर गाना गाने के लिए कह दिया। कैलाश खेर ने होस्ट को सरेआम टोकते हुए कहा कि कलाकार का सम्मान करना सीखें और उसे 'जोकर' न समझें। कैलाश ने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए होस्ट की जमकर क्लास लगा दी और साफ कहा कि वहां वाे मुख्य अतिथि हैं, कोई तमाशा नहीं क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं।

फटकार

"कलाकार को जोकर मत बनाइए"

दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित 'सिक्स्थ सिग्मा लीडरशिप समिट' के दौरान मशहूर गायक कैलाश उस वक्त आगबबूला हो गए, जब एक महिला होस्ट ने उन्हें अचानक मंच पर गाना गाने के लिए कह दिया। 25 अप्रैल को हुए इस कार्यक्रम में कैलाश खेर ने होस्ट की क्लास लगाते हुए कहा कि वे वहां मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित हैं, ना कि गाने के लिए। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "कलाकार को जोकर मत बनाइए।"

संदेश

"गायक को मूड बनाने वाला मत समझो"

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कैलाश होस्ट की फरमाइश को सख्ती से ठुकराते दिख रहे हैं। उन्होंने नाराजगी जाहिर कर कहा, "यही मैं बदलना चाहता हूं, यही मेरे मन में ललक लगी हुई है, यही बदलना है कि गायक को, संगीत को ऐसे ना माना जाए कि 'सर दो लाइन गा दीजिए, मूड बना दीजिए। ये बहुत गलत है। ऐसी गुजारिश ही मत कीजिए।" उनका कहना है कि वो इसी सोच को समाज से जड़ से मिटाना चाहते हैं।"

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गुस्सा

कैलाश ने पूछा- क्या सचिन तेंदुलकर को बोलोगे एक छक्का मारो?

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए गायक ने कहा, "क्या आप सचिन तेंदुलकर को बोलेंगे कि एक जरा छक्का लगाकर दिखा दीजिए? इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसा नहीं करता या किसी आर्मी के जवान को नहीं बोलेंगे कि जरा शॉट लगा दीजिए।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कलाकारों को 'जोकर' नहीं बनाया जाना चाहिए और ना ही उन्हें महज मनोरंजन का साधन समझा जाना चाहिए। सच्चा कलाकार एक साधक होता है, जो अपनी अंतरात्मा से जुड़ा होता है।

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यहां देखिए वीडियो

करियर

'अल्लाह के बंदे' से 'पद्मश्री' तक का सफर

पद्मश्री से सम्मानित कैलाश अपनी अनूठी आवाज के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते हैं। कैलाश को फिल्म जगत में असली पहचान और बड़ी कामयाबी फिल्म 'वैसे भी होता है पार्ट II' के गाने 'अल्लाह के बंदे' से मिली। इसके बाद उन्होंने 'यूं ही चला चल', 'सैयां' और 'तेरी दीवानी' जैसे कई सुपरहिट गाने गाए। कैलाश केवल एक पार्श्व गायक ही नहीं, बल्कि वो अपने बैंड 'कैलासा' के जरिए भारतीय लोक संगीत और सूफीवाद को वैश्विक मंच पर ले गए हैं।

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