'टॉक्सिक' विवाद के बीच के अन्नामलाई का CBFC पर फूटा गुस्सा, 'सख्त प्रमाणन' की मांग की
क्या है खबर?
कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, लेकिन इसे तारीफ से ज्यादा हिंसक दृश्यों और महिला चित्रण के लिए विवाद का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, 'वी द लीडर्स' के संस्थापक के. अन्नामलाई ने भारतीय सिनेमा में बढ़ती हिंसा और स्त्री द्वेष के महिमा मंडन के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पैन-इंडिया फिल्मों पर हिंसक दृश्यों और स्त्री-विरोधी विषयों को महिमामंडित करने का आरोप लगाया है।
आग्रह
अन्नामलाई ने CBFC से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया
कोयंबटूर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "भारतीय फिल्मों के प्रमाणीकरण के मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है, खासकर जब फिल्मों में ग्राफिक हिंसा, परेशान करने वाली छवियां और स्त्री-द्वेषी विषय हों। आयु-प्रतिबंधित फिल्मों में दर्शकों को अत्यधिक हिंसा और महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करने वाले चित्रण देखने पड़ रहे हैं।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिल्में प्रतिबंधित करने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि CBFC से प्रमाणन प्रक्रिया ठीक करने को कह रहे हैं।
प्रभाव
'ए' रेटिंग वाली फिल्में देखने से बच्चों को रोका जाए
अन्नामलाई ने सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों में आयु प्रतिबंधों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
आगे कहा कि ऐसे नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। साथ ही सिनेमाघरा मालिकों से आग्रह किया कि वह बच्चों को 'ए' रेटिंग वाली फिल्में देखने से रोकें।
उन्होंने स्वीकारा कि लगातार हिंसा और दकियानूसी रिश्तों को दिखाने वाली फिल्मों का बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ेगा।
बता दें, गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित 'टॉक्सिक' एक एक्शन-थ्रिलर है, जिसमें कियारा आडवाणी और नयनतारा समेत कई अभिनेत्रियां भी हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए अन्नामलाई का बयान
Coimbatore, Tamil Nadu: On Actor Yash’s movie Toxic, We the Leaders Foundation Chief Servant K. Annamalai says, "....Regulations should be tightened....The censorship board must make firm decisions regarding which scenes are permissible, even in films starring major actors...."… pic.twitter.com/bclu82PgzU
— IANS (@ians_india) August 27, 2026