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'जन नायकन' की स्क्रीनिंग के बावजूद रिलीज का रास्ता साफ नहीं, अब यहां फंसा पेंच
'जन नायकन' की रिलीज में फिर फंसा पेंच

'जन नायकन' की स्क्रीनिंग के बावजूद रिलीज का रास्ता साफ नहीं, अब यहां फंसा पेंच

Mar 19, 2026
03:58 pm

क्या है खबर?

थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज का रास्ता दूर-दूर तक साफ होते दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले महीने, मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशानुसार इसे दोबारा रिव्यू के लिए सेंसर की समीक्षा समिति को भेजा गया था। 17 मार्च को हुई नवीनतम स्क्रीनिंग के बाद, फिल्म को CBFC ने पुनर्परीक्षा के लिए चुनाव आयोग को भेज दिया है। अधिकारियों ने चिंता जताई है कि फिल्म की विषयवस्तु तमिलनाडु में चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है।

अंतिम फैसला

'जन नायकन' की रिलीज पर चुनाव आयोग लेगा अंतिम फैसला

NDTV के मुताबिक, सेंसर बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि 'जन नायकन' की पुनर्परीक्षा के लिए उसे चुनाव आयोग को भेजा गया है। प्रमाणपत्र के संबंध में आखिरी फैसला आयोग लेगा। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों से संपर्क करने पर, चुनाव निकाय ने कहा कि उन्हें फिल्म की प्रमाण प्रक्रिया के संबंध में सेंसर से कोई सूचना नहीं मिली है। बता दें कि फिल्म में कुछ राजनीतिक संदर्भ हैं, इसीलिए बोर्ड ने इसे चुनाव आयोग को भेजने का फैसला किया।

उम्मीद

30 अप्रैल से पहले रिलीज होने की उम्मीद नहीं

'जन नायकन' को 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था, जो नहीं हो सका। निर्माताओं को उम्मीद थी कि फरवरी में यह रिलीज हो जाएगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हो सका। पिछले महीने, कनाडा स्थित यॉर्क सिनेमाज ने बताया था कि फिल्म 30 अप्रैल से पहले रिलीज होने की उम्मीद नहीं है। बता दें, तमिलनाडु में 23 अप्रैल से चुनाव हैं। 15 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

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