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गोविंदा को जब आया था आत्महत्या का ख्याल, बोले- नर्मदा नदी में पुजारी ने बचाई जान
...जब नर्मदा नदी में उतरे गोविंदा

गोविंदा को जब आया था आत्महत्या का ख्याल, बोले- नर्मदा नदी में पुजारी ने बचाई जान

Aug 09, 2026
07:01 pm

क्या है खबर?

अभिनेता गोविंदा ने अपनी मां निर्मला देवी के निधन से लगे गहरे सदमे पर बात करते हुए हाल ही में एक भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मां के जाने के बाद वो इस कदर टूट चुके थे कि नर्मदा नदी में उतर गए थे। गोविंदा ने कबूला कि अत्यधिक मानसिक पीड़ा के कारण वो उस समय आत्मघाती स्थिति में थे और उन्हें लगता था कि नदी में जाकर वे किसी तरह अपनी मां से दोबारा मिल सकेंगे।

मानसिक आघात

"लगता था पानी में जाऊंगा तो मां से मिल पाऊंगा"

साल 1996 में मां के निधन से गोविंदा बुरी कदर टूट गए थे। ANI से उन्होंने कहा, "मैं तब बहुत ज्यादा दर्द में था। लगा कि मेरी दुनिया में सबकुछ खत्म हो चुका है, बस अब यही अंत है। मैं नर्मदा नदी के पास खड़ा था। मेरे दिमाग में आया कि अगर मैं नदी में थोड़ा और आगे पानी के अंदर जाऊंगा तो शायद अपनी मां से दोबारा मिल पाऊंगा। इसी सोच में मैं पानी में आगे बढ़ता चला गया।"

जवाब

क्या मां को खोने के बाद आत्महत्या करना चाहते थे गोविंदा?

ये पूछे जाने पर कि क्या उस समय उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आ रहे थे, गोविंदा बोले, "एक तरह से हां। मैं अपनी मां से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था। उनसे बेहद प्यार करता था।"

हालांकि, उन्होंने कहा कि वो अपने इस कदम को जान देने की कोशिश के रूप में नहीं देखते थे। उन्होंने कहा, "दुनिया इसे यही नाम देती है। लोग 'आत्महत्या' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हमारे लिए ऐसा कुछ नहीं होता।"

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जीवनदान

एक पुजारी ने नर्मदा नदी से बचाई थी गोविंदा की जान

गोविंदा ने आगे कहा, "जिंदगी कभी खत्म नहीं होती। ये बस नए रूप और नए चेहरे ले लेती है।"

गोविंदा ने उस पल को भी याद किया, जब 'राम कुंडल' नाम के एक पुजारी ने उन्हें नदी में देखा और आवाज दी। पुजारी उनके पास आए और उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।

इस घटना ने आखिरकार गोविंदा को ये एहसास कराया कि वे जो कर रहे थे, उससे उन्हें पीछे हटना होगा।

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कारण

...जब एक सीख ने गोविंदा को दी जीने की नई वजह

गोविंदा ने आगे कहा, "मुझे एहसास हुआ कि मैं गलत कर रहा हूं। उस सीख से मैंने समझा कि मुझे अपने बच्चों के लिए जीना है।"

अभिनेता ने बताया कि उस मानसिक स्थिति से उबरने और जिंदगी में जीने का नया मकसद ढूंढने में उन्हें 15 दिनों से भी ज्यादा का समय लगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस अनुभव ने फिल्मों, अभिनय और स्टारडम को लेकर उनके नजरिए को भी पूरी तरह से बदलकर रख दिया।

परिचय

कौन थीं गोविंदा की माँ निर्मला देवी?

निर्मला देवी एक प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका और अभिनेत्री थीं। 15 जून, 1996 को 69 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

गोविंदा अपनी मां को अपनी सफलता का बड़ा श्रेय देते आए हैं। वो अक्सर अपनी मां का जिक्र कर भावुक हो जाते हैं।

काम के मोर्चे पर बात करें तो गोविंदा फिलहाल अपनी आगामी फिल्म 'रूपा' के प्रचार में व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ नवोदित अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।

जानकारी

मानसिक तनाव या आत्महत्या के ख्याल आने पर तुरंत यहां करें संपर्क

अगर आप या आपके परिचित किसी भी प्रकार के तनाव से गुजर रहे हैं या आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो तुरंत मदद लें। आप सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1800-599-0019 या आसरा NGO के 91-22-27546669 पर संपर्क कर सकते हैं।

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