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'मास्टरशेफ' पर क्यों लगते हैं पक्षपात के आरोप, रणवीर बरार ने बताई मुश्किल
रणवीर बरार ने 'मास्टरशेफ' पर दिया जवाब (तस्वीर: इंस्टाग्राम/@ranveer.brar)

'मास्टरशेफ' पर क्यों लगते हैं पक्षपात के आरोप, रणवीर बरार ने बताई मुश्किल

Jul 30, 2023
08:30 pm

क्या है खबर?

हिंदी मनोरंजन जगत में 'मास्टरशेफ' अपने तरह का पहला शो है। 'मास्टरशेफ' के जरिए भारतीय टीवी दर्शक कुकिंग रिएलिटी शो से परिचित हुए थे। कुछ समय पहले ही 'मास्टरशेफ इंडिया 7' खत्म हुआ था। इस सीजन के विजेता असम के रहने वाले नयनज्योति बने थे। इस लोकप्रिय टीवी शो को सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार, विकास खन्ना और गरिमा अरोड़ा जज कर रहे थे। अब रणवीर ने शो पर लगने वाले पक्षपात के आरोपों पर जवाब दिया है।

खबर

पक्षपात के आरोपों पर बोले रणवीर बरार

रिएलिटी शो पर अक्सर स्क्रिप्टेड होने का आरोप लगता है। उन पर TRP के लिए स्क्रिप्टेड होने और बेवजह ड्रामा शामिल करने के भी आरोप लगते रहे हैं। 'मास्टरशेफ' भी इन आरोपों से अछूता नहीं था। क्या मास्टरशेफ भी स्क्रिप्टेड होता है? क्या शो में प्रतिभागियों के साथ पक्षपात किया जाता है? दी लल्लनटॉप से बातचीत में सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने इन आरोपों पर जवाब दिया और अपने दिल की बात कही।

मुश्किल

यह है कुकिंग शो की मुश्किल

बरार ने कहा कि किसी सिंगिंग या डांसिंग रिएलिटी शो में प्रतिभागी की परफॉर्मेंस जज के साथ-साथ दर्शकों को भी दिखाई देती है। वे प्रतिभागियों के हुनर पर अपनी राय बना सकते हैं। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से कुकिंग शो की परेशानी यह है कि चखने वाले सिर्फ जज हैं। हो सकता है किसी का खाना दिखने में बहुत गंदा हो, लेकिन अगर चखने वाला कह रहा है कि यह शानदार है, तो आपको विश्वास करना पड़ेगा।"

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सफाई

दर्शक प्रक्रिया से जुड़ते हैं, हमें प्लेट जज करनी है- बरार

बरार ने आगे समझाया कि सिंगिंग और डांस रिएलिटी शो में सिर्फ प्रस्तुति दिखाई जाती है। खाने में प्रस्तुति प्लेट में आ गई, उससे शो नहीं बन सकता, इसलिए वे खाना बनाने की प्रक्रिया दिखाते हैं। प्रक्रिया में प्रतिभागियों का व्यक्तित्व दिखाई देता है। जैसे कोई प्यार से खाना बनाता है, कोई झगड़कर। ऐसे में लोग इन प्रतिभागियों से जुड़ जाते हैं। उन्होंने कहा, "उनके व्यक्तित्व से अलग हमें सिर्फ वो जज करना है, जो हमें प्लेट में मिला है।"

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सकारात्मक पहलू

यह है आरोपों का बेहतर पहलू

बरार ने कहा कि अब तक कोई ऐसा तोड़ नहीं निकाला जा सका है कि इससे कैसे बचा जाए। उन्होंने कहा, "यही बात अब इस फॉर्मैट की मजबूती बन गई है। मुझे अच्छा लगता है जब लोग बेइमानी और पक्षपात का आरोप लगाते हैं। इससे पता चलता है कि वे प्रतिभागियों से जुड़ पा रहे हैं। खाना मेरी रोजी-रोटी है, मैं इस पर झूठ नहीं बोलूंगा, लेकिन यह अच्छी बात है कि लोग इस प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं।"

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