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प्रीति जिंटा को आखिर क्यों जाना पड़ा बॉम्बे हाई कोर्ट और अब किस पर गिरेगी गाज?
प्रीति जिंटा ने क्यों खटखटाया बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा?

प्रीति जिंटा को आखिर क्यों जाना पड़ा बॉम्बे हाई कोर्ट और अब किस पर गिरेगी गाज?

Jun 18, 2026
02:35 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने एक बड़ी कानूनी जंग जीत ली है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अभिनेत्री को उन तमाम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइटों के खिलाफ मुकदमा चलाने की खुली छूट दे दी है, जो AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर उनके व्यक्तित्व अधिकार और कॉपीराइट का उल्लंघन कर रहे हैं। कोर्ट ने क्या सख्त आदेश दिया है और अब इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कैसी गाज गिरने वाली है, आइए जानते हैं।

राहत

मिली गूगल और अन्य प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमे की अनुमति

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रीति जिंटा को एक बड़ी कानूनी राहत दी है। कोर्ट ने अभिनेत्री को दिग्गज टेक कंपनी गूगल LLC और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दे दी है। प्रीति का आरोप है कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके व्यक्तित्व अधिकार और कॉपीराइट का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अभिनेत्री की याचिका में इंटरनेट पर मौजूद उन तमाम सामग्रियों पर आपत्ति जताई गई है, जो उनकी अनुमति के बिना बनाई गई हैं।

मुकदमा

अब बॉम्बे हाई कोर्ट में ही चलेगा पूरा मुकदमा

अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि उनकी छवि से जुड़ी आपत्तिजनक गतिविधियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर हो रही थीं, पर कई कंपनियों के दफ्तर मुंबई के बाहर होने के कारण मामला आंशिक रूप से अधिकार क्षेत्र से बाहर भी जाता है। हालांकि, इस मंजूरी के बाद अब बॉम्बे हाई कोर्ट के पास इस मुकदमे पर विचार करने, इसकी सुनवाई करने और इसका अंतिम निपटारा करने का पूरा कानूनी अधिकार होगा, भले ही विरोधी कंपनियों के दफ्तर मुंबई से बाहर क्यों न हों।

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दलील

मुंबई में ही हुआ साख को नुकसान - वकील की दलील

प्रीति ने आरोप लगाया है कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने AI की मदद से ऐसा कंटेंट तैयार कर उसे इंटरनेट पर फैलाया, जिससे उनके व्यक्तित्व अधिकार और कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ। इस आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री के कारण उनकी साख, सम्मान और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। अदालत में उनके वकील ने दलील दी कि अभिनेत्री मुंबई में रहती हैं और यहीं काम करती हैं, इसलिए ये मामला सीधे तौर पर इसी अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।

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वर्कफ्रंट

जल्द ही सनी देओल संग 'बंटवारा 1947' में नजर आएंगी प्रीति

दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने प्रीति को हाई कोर्ट के समक्ष मुकदमा दायर करने में सक्षम बनाने के लिए लेटर्स पेटेंट के क्लॉज XII (धारा 12) के तहत राहत प्रदान की। काम के मोर्चे पर बात करें तो प्रीति जल्द ही राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आएंगी, जिसमें उनके साथ सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा वो कुणाल खेमू की फिल्म 'वाइब' में भी नजर आएंगी।

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