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अरशद वारसी बोले- कंगना के बाद ही फैला नेपोटिज्म का रायता, स्टार किड्स का किया बचाव
अरशद वारसी ने नेपोटिज्म पर क्या कहा?

अरशद वारसी बोले- कंगना के बाद ही फैला नेपोटिज्म का रायता, स्टार किड्स का किया बचाव

Aug 30, 2026
06:10 pm

क्या है खबर?

अभिनेता अरशद वारसी अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में इंडस्ट्री में 'नेपोटिज्म' यानी भाई-भतीजावाद की बहस पर बोलते हुए उन्होंने माना कि स्टार किड्स को इंडस्ट्री में शुरुआती एंट्री आसानी से मिल जाती है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि लंबे समय तक टिके रहना और सफल होना पूरी तरह प्रतिभा पर निर्भर करता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने बच्चों के नजरिए से स्टार किड्स पर रहने वाले भारी दबाव का भी जिक्र किया।

दो टूक

"नेपोटिज्म है, लेकिन जीत आखिर में हुनर की ही होती है"

फिल्मीज्ञान के साथ पॉडकास्ट में नेपोटिज्म पर बात करते हुए अरशद ने बताया कि जब उन्होंने करियर शुरू किया था, तब ये कोई मुद्दा नहीं था।

उन्होंने कहा, "कंगना रनौत नेपोटिज्म का आइडिया लेकर आईं, जिसके बाद ये बड़ा मुद्दा बन गया और सब बात करने लगे। हां, ये इंडस्ट्री में है, लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरा मानना है कि आखिर में सिर्फ आपका हुनर ही तय करता है कि आप कितनी दूर तक जाएंगे।"

संघर्ष

उम्मीदों का भारी बोझ झेलते हैं स्टार किड्स- अरशद

अरशद ने कहा, "स्टार किड्स के लिए राह आसान नहीं होती, क्योंकि उनसे उम्मीदें बहुत ज्यादा होती हैं। मैं अपने बच्चों में भी यह देखता हूं। लोग सोचते हैं कि वे मेरे बच्चे हैं तो उन्हें बेहतरीन एक्टर होना ही पड़ेगा। उन पर अपनी पहचान साबित करने का भारी दबाव रहता है, जो सही नहीं है। नेपोटिज्म से उनके लिए दरवाजे जल्दी खुल सकते हैं, लेकिन बिना हुनर के वे दरवाजे उतनी ही तेजी से बंद भी हो जाते हैं।"

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सलाह

अरशद को नहीं अपने बच्चों के फ्लॉप होने का डर

अरशद ने बताया कि उन्हें अपने बच्चों की सफलता या असफलता का डर नहीं है, बल्कि वो चाहते हैं कि वे बेहतरीन और हुनरमंद कलाकार बनें, जो अपने काम की बारीकियों को अच्छी तरह समझें।

उन्होंने कहा कि आज इंडस्ट्री में आने वाले युवा कलाकार काफी तैयार होकर आते हैं, इसलिए उनके बच्चे भी पूरी तरह तैयार रहें।

बता दें कि अरशद के 2 बच्चे हैं एक बेटा जीक वारसी और एक बेटी जीन जोया वारसी।

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