बॉलीवुड के बदलते माहौल पर अनुपम खेर बोले- पहले महफिलें सजती थीं, अब डर लगता है
क्या है खबर?
दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर बढ़ते 'ट्रोल कल्चर' पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा सच बयां करते हुए कहा कि ट्रोलिंग के डर से अब बॉलीवुड में पार्टियां बंद हो गई हैं। अनुपम के मुताबिक, लोग अब सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के खौफ से अपनी खुशियां मनाने से कतराने लगे हैं। उन्होंने ये बातें अपनी फिल्म 'कैलोरी' की अंतरराष्ट्रीय सफलता और इसके लिए मिले सम्मान का जश्न मनाने के दौरान कहीं।
सम्मान
अनुपम ने जीता ये बड़ा सम्मान
अनुपम को हाल ही में प्रतिष्ठित 'UK एशियन फिल्म फेस्टिवल' में उनकी भारत-कनाडाई फिल्म 'कैलोरी' के लिए 'सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अनुपम बेहद खुश हैं कि उनकी इस भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी पहचान मिली। इंडस्ट्री में चार दशक से भी ज्यादा का लंबा समय बिताने के बाद अनुपम के भीतर का कलाकार आज भी पुरस्कार मिलने पर बच्चों जैसी उत्सुकता और घबराहट महसूस करता है।
जिम्मेदारी
विदेशी धरती पर काम से पहले 'भारत माता की जय' क्यों बोलते हैं अनुपम
अनुपम बोले, "सुनने में नाटकीय लग सकता है, लेकिन खिलाड़ियों की तरह कलाकारों को वैश्विक स्तर पर अपने देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलता, इसलिए मैं जब भी विदेश में काम करता हूं तो शुरू करने से पहले 'भारत माता की जय' जरूर बोलता हूं। भले ही मैं देश का कोई आधिकारिक ब्रैंड एंबेसडर नहीं, लेकिन दिल के किसी कोने में मुझे ये अहसास रहता है कि मैं वहां 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं।"
जश्न
"पहले यश चोपड़ा-सुभाष घई के यहा महफिलें सजती थीं, पर अब..."
अनुपम के मुताबिक, अब जीत का जश्न मनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, "मैं हाल ही में अनिल कपूर से बात कर रहा था कि लोग अब जिंदगी और अपनी जीतों का जश्न मनाने से डरते हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर लोग गलत बोल देते हैं। पहले यश चोपड़ा या सुभाष घई के यहां शानदार पार्टियां होती थीं। हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां खुद को इसके हिसाब से ढालना पड़ता है, लेकिन कभी-कभार तकलीफ होती है।"
फिल्म
'कनिष्क विमान हादसे' के दर्द को पर्दे पर लाए अनुपम
बात करें अनुपम की हालिया फिल्म 'कैलोरी' की तो ये 'कनिष्क विमान हादसे' के दर्दनाक सच को दिखाती है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। 23 जून, 1985 को मॉन्ट्रियल-लंदन-दिल्ली रूट पर जा रहे एयर इंडिया के विमान 'फ्लाइट 182' (कनिष्क) को बम धमाके से उड़ा दिया गया था। आयरलैंड के तट के पास हुए इस धमाके में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 268 कनाडाई और 24 भारतीय नागरिक शामिल थे।