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वीर दास का चुप्पी साधने वालों पर तंज- अराजनीतिक होना कोई विचारधारा नहीं, आपकी सहूलियत है
वीर दास ने चुप रहने वालों पर बोला बड़ा हमला

वीर दास का चुप्पी साधने वालों पर तंज- अराजनीतिक होना कोई विचारधारा नहीं, आपकी सहूलियत है

Jul 16, 2026
04:17 pm

क्या है खबर?

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के बीच मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास का एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। देश के मौजूदा हालातों पर टिप्पणी करते हुए वीर दास ने उन लोगों पर निशाना साधा है, जो खुद को 'अराजनीतिक' बताते हैं। वीर दास ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब देश में इतने गंभीर मुद्दे चल रहे हों, तब अराजनीतिक बने रहना कोई विचारधारा नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों से भागना है।

तंज

मशहूर हस्तियों के चुप रहने पर वीर दास का सवाल

वीर ने 'अराजनीतिक' होने की सोच पर सवाल उठाते हुए इंस्टाग्राम पर एक कड़ा पोस्ट साझा किया है।

हालांकि, उन्होंने सोनम वांगचुक या किसी खास मुद्दे का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका यह बयान इस बहस को हवा देता है कि क्या मशहूर हस्तियों को सार्वजनिक मुद्दों पर बोलना चाहिए।

इंस्टाग्राम पर वीर दास ने लिखा कि ये कहना कि 'मैं अराजनीतिक हूं' या 'मेरे पास बोलने का अधिकार नहीं है', उनके द्वारा सुना गया सबसे अजीब तर्क है।

निशाना

वीर दास ने दिखाया आईना

वीर ने तर्क दिया कि जिन लोगों ने हमेशा सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात की है, उनके पास बड़े प्लेटफॉर्म वाले लोगों की तुलना में बहुत कम सुविधाएं होती हैं और उनके पास खोने के लिए बहुत कुछ होता है।

उन्होंने लिखा, 'दशकों से किसी भी मुद्दे पर सबसे तेज आवाज उठाने वालों के पास हमारे-आपके मुकाबले बहुत कम सुविधाएं या विशेषाधिकार हैं और दांव पर लगाने के लिए बहुत कुछ है, इसलिए इस बहाने को दिमाग से निकाल दें।'

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राजनीतिे

राजनीति से अलग रहना नामुमकिन

वीर के मुताबिक, लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी है, खासकर उनसे, जिन्हें आपने चुना है।

उन्होंने लिखा, 'आपको राजनीतिक रूप से सख्त होना होगा, विशेषकर उनके प्रति, जिन्हें आपने वोट दिया है। रोजमर्रा की जिंदगी का हर हिस्सा सरकारी नीतियों से तय होता है, इसलिए राजनीति से अलग रहना नामुमकिन है। अगर आपके परिवार में महिलाएं, बच्चे हैं, आप हवा में सांस लेते हैं, सड़कों का उपयोग करते हैं और फिर भी चुप हैं... तो यही असली विशेषाधिकार है।'

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तीखा हमला

अपनी पसंद को विचारधारा का नाम न दें

वीर ने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा, 'शायद आप अराजनीतिक नहीं हैं, बल्कि आप सिर्फ अपनी आरामदायक स्थिति में हैं, जो कि ठीक है, लेकिन इस तरह असहज करने वाली बहसों से बचने को एक विचारधारा की तरह पेश करना बंद करें, क्योंकि यह सिर्फ आपकी एक पसंद है। ये आपकी सहूलियत है।'

वीर दास का ये पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब सोनम वांगचुक के अनशन ने इंटरनेट पर बेहद गंभीर और बड़ी बहस छेड़ दी है।

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