केंद्र सरकार की अश्लीलता पर बड़ी कार्रवाई, 5 और OTT प्लेटफॉर्म बंद
क्या है खबर?
डिजिटल जगत में अश्लील कंटेंट परोसने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5 और OTT ऐप्स को पूरी तरह बंद कर दिया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर नियमों के उल्लंघन और समाज में अश्लीलता फैलाने के गंभीर आरोप हैं। ये कार्रवाई मंत्रालय को इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मिली कई शिकायतों के बाद की गई। आइए जानें किन-किन ऐप्स पर सरकार की गाज गिरी है।
निर्देश
अश्लील कंटेंट परोसने वाले 5 प्लेटफॉर्म बंद
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अश्लील कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने उन OTT प्लेटफॉर्म्स की सूची भी जारी कर दी है, जिन्हें उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रतिबंधित किया गया है। जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स पर गाज गिरी है, उनमें मूड X VIP, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं।
लगाम
पहले भी 25 OTT प्लेटफॉर्म्स पर लग चुकी रोक
ये पूरी कार्रवाई IT एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (IT रूल्स, 2021) के प्रावधानों के तहत की गई है। ये पहली बार नहीं है, जब केंद्र सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगाम कसी है। इससे पहले सितंबर, 2025 में भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अश्लील, अभद्र और पोर्नोग्राफिक सामग्री दिखाने के आरोप में 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था।
एक्शन
सरकार के साथ NCPCR भी सक्रिय
ANI के अनुसार, वो फैसला कई सरकारी विभागों और नागरिक समाज के हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया था। उस दौरान भारतीय कानूनों के उल्लंघन के आरोप में उल्लू, ALTT, Big Shots App, NeonX VIP और Desiflix जैसे बड़े ऐप्स को भी प्रतिबंधित किया गया था। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी इन प्लेटफॉर्म्स की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया था। आयोग ने ऐप्स द्वारा किए गए कथित उल्लंघनों को लेकर चिंता जताई थी।
मकसद
सार्वजनिक शालीनता बनाए रखने के लिए OTT पर कार्रवाई
वर्तमान में ये पांचों OTT प्लेटफॉर्म कड़े विरोध और कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक इनमें से किसी भी प्लेटफॉर्म ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बता दें कि तय प्रक्रिया के तहत, केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 और अश्लीलता विरोधी कानूनों के अंतर्गत इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस बंद करने का निर्देश देती है। इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक शालीनता बनाए रखना है।