उत्तर प्रदेश में अनियमितता और पेपर लीक के आरोपों के बाद सहायक प्रोफेसर की परीक्षा रद्द
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2025 रद्द कर दी है। प्रदेश सरकार ने यह निर्णय परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठाने के बाद लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को जल्द ही संशोधित परीक्षा तिथियों की घोषणा करने और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने दोहराया है कि भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भर्ती
क्या है मामला?
UPESSC ने सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए 16 और 17 अप्रैल 2025 को परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा को लेकर अनियमितता, धांधली, पेपर लीक और अवैध धन वसूली से जुड़ी गंभीर शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने गोपनीय जांच कराई थी। जांच के बाद, उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) ने फर्जी प्रश्नपत्र से अभ्यर्थियों को ठगने के आरोप में महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया था। महबूब UPESSC में गोपनीय सहायक रहा था।
भविष्य
परीक्षा दे चुके उम्मीदवारों का क्या होगा?
यह भर्ती परीक्षा राज्य के के सरकारी सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों के 1,017 रिक्त पदों को भरने के लिए हुई थी, जिसमें करीब 1.14 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। बताया जा रहा है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन किया है, उन्हें नए सिरे से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पहले सरकार प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और स्नातकोत्तर शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द कर चुकी है, जो 18 और 19 दिसंबर को होने वाली थी।