IIT बॉम्बे ने नकल रोकने के नियमों में बदलाव किया, अब छात्रों का पक्ष पहले सुनेंगे
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। उसने जो मसौदा तैयार किया है, उसमें प्रस्ताव है कि अगर कोई छात्र परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाया जाता है, तो उस पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इसके बजाय, संस्थान कोई भी फैसला लेने से पहले पकड़े गए आरोपी छात्र का पूरा पक्ष जानेगा।
बदलाव
संशोधित नियमों में क्या होगा शामिल?
संस्थान ने छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद जो मसौदा तैयार किया है, उसमें छात्रों को आपत्तियां उठाने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर देने पर जोर दिया गया है।
इस सप्ताह सीनेट की आपातकालीन बैठक होगी, जिसमें इस मसौदे पर निर्णय लिया जाएगा। नए नियमों में नकल करते पकड़े जाने पर छात्र को कार्रवाई से पहले विभागाध्यक्ष से बात करने का अवसर दिया जा सकता है।
इसमें लगाए जाने वाले दंडों की भी समीक्षा की गई है।
कदम
ये कदम भी उठाए जा सकते हैं
परीक्षा में अनियमितता के संदेह होने पर, छात्रों को तुरंत मार्गदर्शन का भी अवसर दिया जाएगा, जिससे वह तनाव में कोई गलत कदम न उठाएं।
परीक्षा निरीक्षकों के लिए एक अलग मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) जारी की जाएगी, जो बताएगा कि परीक्षा निरीक्षक के दौरान उन्हें किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए।
परीक्षा में अनुचित व्यवहार के नियम और उनके परिणाम या दंड उत्तर पुस्तिका के पहले पृष्ठ पर स्पष्ट और सरल भाषा में मुद्रित होंगे।
जानकारी
परीक्षा अनियमितता पर मौजूदा व्यवस्था क्या है?
IIT बॉम्बे में मौजूदा व्यवस्था के तहत, परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होती है। इसमें निलंबन और आर्थिक दंड के अलावा अन्य कई प्रावधान शामिल हैं। नए मसौदा में छात्रों को अधिक मौका मिलेगा।
घटना
छात्र की आत्महत्या के बाद तैयार किया जा रहा है मसौदा
B.Tec द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल ने 17 अक्टूबर को छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
बाद में संस्थान की ओर से दावा किया गया कि मध्य-सेमेस्टर की परीक्षा में साहिल फोन पर ChatGPT का उपयोग करते पकड़े गए थे।
साहिल के माता-पिता ने परीक्षा निरीक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर जातिवाद के नाम पर परेशान करने का आरोप लगाया।
दुल्ला को प्रशासनिक डीन पद से हटा दिया गया। मामले में अपराध शाखा जांच कर रही है।