CBSE रीवैल्यूएशन पोर्टल में गड़बड़ी, कभी 1 तो कभी 69,420 रुपये दिखी फीस
क्या है खबर?
CBSE रीवैल्यूएशन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि रीवैल्यूएशन फीस पोर्टल पर बार-बार बदलती दिखाई दी। कुछ स्क्रीनशॉट में फीस 1 रुपये, 69 रुपये, 8,000 रुपये और यहां तक कि 69,420 रुपये प्रति विषय तक दिखी, जिसके बाद कई छात्रों ने सिस्टम पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लगातार गुस्सा और मीम्स भी देखने को मिल रहे हैं।
आरोप
सोशल मीडिया पर छात्रों ने लगाए बड़े आरोप
आज एक्स पर कई यूजर्स ने CBSE पोर्टल में गड़बड़ी की शिकायत की है। कुछ ने दावा किया कि वेबसाइट हैक हो गई थी, जबकि कई लोगों ने इसे लापरवाही बताया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो गए। छात्रों का कहना है कि फीस कुछ घंटों के अंदर कई बार बदल रही थी। इस पूरे मामले के बाद रीवैल्यूएशन को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
🚨 BREAKING: HUGE QUESTIONS OVER CBSE PORTAL SECURITY 🚨
— 𝐃𝐢𝐠𝐢𝐭𝐚𝐥 𝐆𝐞𝐧Z 𝐏𝐚𝐫𝐭𝐲 (DGZP) (@DigiGenZparty) May 22, 2026
Students are now reporting shocking abnormalities on the CBSE re-evaluation portal, including screenshots showing fees suddenly jumping to ₹8000 per subject.
If genuine, this could indicate a major technical failure or… pic.twitter.com/qkfoM8gL3U
दिक्कत
कई दिनों से जारी हैं तकनीकी दिक्कतें
रीवैल्यूएशन फीस विवाद से पहले भी छात्र लगातार तकनीकी समस्याओं की शिकायत कर रहे थे। कई छात्रों ने लॉगिन फेल होने, वेबसाइट क्रैश होने, पेज फ्रीज होने और पेमेंट कटने जैसी परेशानियां बताईं। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली मिलीं, जिन्हें पढ़ना मुश्किल था। छात्रों का कहना है कि ऐसी कॉपियों की जांच सही तरीके से कैसे हो सकती है। इससे छात्रों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।
मांग
छात्रों ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की
JEE, NEET और CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह स्थिति और तनावपूर्ण बन गई है। सोशल मीडिया पर अब कई छात्र और अभिभावक CBSE से साफ जवाब और सही समाधान की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार तकनीकी दिक्कतें आने से उनका भरोसा कमजोर हो रहा है। कई लोगों ने मांग की है कि बोर्ड जल्द स्थिति स्पष्ट करे और पोर्टल की समस्याओं को ठीक करने के लिए जरूरी कदम उठाए।