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आंध्र प्रदेश के अमरावती में बनेगा क्वांटम-AI विश्वविद्यालय, अगले महीने से पाठ्यक्रम शुरू
आंध्र प्रदेश के अमरावती में बनेगा क्वांटम-AI विश्वविद्यालय (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आंध्र प्रदेश के अमरावती में बनेगा क्वांटम-AI विश्वविद्यालय, अगले महीने से पाठ्यक्रम शुरू

लेखन गजेंद्र
Aug 28, 2026
04:20 pm

क्या है खबर?

आंध्र प्रदेश में अब क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई हो सकेगी। चद्रबाबू नायडू की सरकार ने अमरावती में AI समर्पित विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह भारत में अपनी तरह का पहला परिसर होगा, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), आंध्र प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) द्वारा स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित परिसर 8.5 एकड़ भूमि पर बनेगा, जिसमें 5 साल में 730.7 करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा।

पाठ्यक्रम

सितंबर में शुरू होगा पाठ्यक्रम

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रस्ताव है कि परियोजना को MeitY के अनुदान सहायता से वित्त पोषित किया जाए।

बताया जा रहा है कि यह डीप-टेक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ उच्च शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को एक परिसर में लाएगा।

बता दें कि शैक्षणिक और उन्नत प्रौद्योगिकी कौशल विकास कार्यक्रम सितंबर से शुरू होने वाले हैं, जो अभी गुंटूर स्थित आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय में चलेगा।

बाद में इसे स्थायी अमरावती परिसर भेजा जाएगा।

पढ़ाई

छात्र क्वांटम और AI विश्वविद्यालय में क्या पढ़ेंगे?

क्वांटम और AI विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट, डिप्लोमा और कार्यकारी कार्यक्रम की डिग्री दी जाएगी।

इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार सुरक्षा, AI और मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, चिप डिजाइन, VLSI, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग-पैकेजिंग (ATMP), एम्बेडेड सिस्टम और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

कैंपस का प्रमुख हिस्सा क्वांटम रिसर्च, इनोवेशन और इनक्यूबेशन ब्लॉक होगा। यह 1.2 लाख वर्ग फुट में होगा।

इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग और संचार, क्वांटम फोटोनिक्स, क्वांटम सुरक्षा, क्रायोजेनिक सिस्टम के लिए बुनियादी ढांचा होगा।

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सुविधा

इस साल फरवरी में हुआ था समझौता

इसके अलावा, इसमें क्लीनरूम, नैनो-फैब्रिकेशन और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी सुविधाएं, चिप-डिजाइन बुनियादी ढांचा, डेटा सेंटर और स्टार्टअप इनक्यूबेशन के लिए भी जगह होगी।

परियोजना के तहत 5 वर्षों में लगभग 8,250 शिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किए जाने की उम्मीद है। इनमें 1,650 शिक्षार्थी औपचारिक डिग्री कार्यक्रमों में नामांकित होंगे।

परिसर में उद्योग और अनुसंधान पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

बता दें कि NIELIT और आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 फरवरी को AI विश्वविद्यालय के लिए समझौता किया था।

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