जोहो अभी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में नहीं करेगी बड़ा निवेश, श्रीधर वेंबू ने बताई वजह
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में बने रहने के लिए हर कोई अरबों डॉलर खर्च करने को तैयार नहीं है। जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने संकेत दिया है कि उनकी कंपनी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को लेकर सतर्क रहेगी, भले ही बाकी कंपनियां AI में खूब पैसा लगा रही हों। उनकी टिप्पणी अमेरिकी वेंचर कैपिटलिस्ट चामथ पालीहापितिया की एक पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने मौजूदा AI बूम से आ रहे राजस्व की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।
सोच
माैजूदा हालात में सतर्क है कंपनी
पालिहापितिया का तर्क है कि AI पर होने वाले खर्च का बड़ा हिस्सा उन घाटे में चल रहे स्टार्टअप्स से आता है, जिन्हें वेंचर कैपिटल से फंडिंग मिली है।
वेंबू भी मौजूदा माहौल में सावधानी बरतने पर सहमत दिखे। उनका कहना है कि जोहो महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय शोध पर ध्यान केंद्रित करेगी।
उन्होंने कहा, "हम बिजनेस में दूसरों के पैसे पर बहुत बड़ा दांव लगाने वाली अप्रोच से दूर ही रहे हैं।"
फोकस
रिसर्च और डेवलपमेंट पर पूरा ध्यान
उन्होंने आगे कहा कि जोहो अभी भी AI रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश कर रही है, लेकिन जब तक बाजार में बहुत ज्यादा तेजी बनी हुई है, तब तक वह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने की जल्दबाजी नहीं करना चाहती।
कंपनी अपनी AI क्षमताओं को विकसित करते रहना चाहती है, लेकिन इसके लिए वह AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के वास्ते जरूरी कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर तुरंत बड़ी रकम खर्च करने के लिए तैयार नहीं है।