विप्रो ने सिंगापुर की माइंडस्प्रिंट का किया अधिग्रहण, नकद भुगतान में होगा सौदा
क्या है खबर?
विप्रो ने सिंगापुर की IT सर्विस कंपनी माइंडस्प्रिंट का लगभग 37.50 करोड़ डॉलर (करीब 3,450 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण कर लिया है। इसके साथ भारतीय IT कंपनी माइंडस्प्रिंट में 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने जा रही है, जो ओलाम समूह के साथ हुए एक समझौते का हिस्सा है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि यह 8 साल का समझौता है, जिसका अंतिम मूल्य 1 अरब डॉलर (करीब 93 अरब रुपये) से अधिक हो सकता है।
साझेदारी
नियामक मंजूरी के बाद पक्का होगा सौदा
ओलम समूह के साथ 8 साल के अनुबंध के तहत विप्रो परामर्श आधारित और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित दृष्टिकोण के माध्यम से संपूर्ण परिवर्तन में भागीदार बनेगी। भारतीय कंपनी अपनी उद्योग विशेषज्ञता और AI-संचालित सर्विसेज के एकीकृत समूह का उपयोग करके ओलम समूह के मुख्य परिचालन को मजबूत करेगी। विप्रो का कहना है कि आवश्यक नियामक स्वीकृतियों के अधीन यह सौदा जून तक पूरी तरह से नकद भुगतान के माध्यम से पूरा होने की उम्मीद है।
खासियत
माइंडस्प्रिंट किस क्षेत्र में है मजबूत?
समझौते के तहत विप्रो, ओलम समूह की IT सर्विस शाखा माइंडस्प्रिंट का अधिग्रहण करेगी, जो एंटरप्राइज एप्लिकेशन, डाटा, एनालिटिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित कई क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है। भारत, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन और मध्य पूर्व में फैले इसके 3,200 से अधिक कर्मचारी हैं। खाद्य एवं कृषि व्यवसाय क्षेत्र में माइंडस्प्रिंट की मजबूत उपस्थिति है। साथ ही सप्लाई चेन परिवर्तन क्षमताएं और स्वामित्व-आधारित IP समाधान भी उपलब्ध हैं।