UPI से सैलरी पेमेंट पर लगेगा MDR? जानिए किन भुगतानों पर लगेगा शुल्क
क्या है खबर?
UPI के नए नियमों के बाद सैलरी और घरेलू कामगारों को किए जाने वाले भुगतान को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं। वित्त मंत्रालय ने 15 सितंबर, 2026 को साफ किया कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI भुगतान किसी भी राशि पर मुफ्त रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान पर शुल्क लागू होगा। ऐसे में अब यह जानना जरूरी है कि UPI से सैलरी देने पर शुल्क लगेगा या नहीं।
सवाल
क्या सैलरी देने पर लगेगा UPI शुल्क?
अगर कोई नियोक्ता सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में UPI के जरिए सैलरी भेजता है और भुगतान P2P के रूप में होता है, तो केवल सैलरी होने की वजह से अतिरिक्त शुल्क नहीं लगना चाहिए।
सामान्य तौर पर कर्मचारी को वेतन भेजने के लिए UPI इस्तेमाल करने पर अलग से शुल्क लगाने का नियम नहीं है। हालांकि, भुगतान किस श्रेणी में आता है, यह देखना जरूरी होगा, क्योंकि P2P और P2M के नियम अलग हैं।
अन्य
मेड और ड्राइवर को पैसे भेजने पर क्या होगा?
घरों में काम करने वाली मेड, ड्राइवर, सफाईकर्मी या दूसरे कामगारों को UPI से पैसे भेजने पर भी यही सवाल उठता है।
अगर भुगतान सीधे किसी व्यक्ति के बैंक खाते में किया जा रहा है और वह P2P लेन-देन है, तो उस पर शुल्क नहीं लगेगा।
हालांकि, अगर भुगतान किसी रजिस्टर्ड मर्चेंट को P2M के रूप में किया जाता है, तो 2,000 रुपये से ज्यादा के ऐसे भुगतान पर लागू शुल्क के नियम देखे जाएंगे।
शुल्क
किन भुगतानों पर शुल्क लग सकता है?
नए नियमों में हर UPI भुगतान पर शुल्क लगाने की बात नहीं कही गई है।
P2P भुगतान किसी भी राशि पर मुफ्त रहेगा, जबकि 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ P2M भुगतान पर MDR यानी शुल्क लागू हो सकता है। इसलिए सैलरी या मजदूरी के भुगतान में सिर्फ रकम बड़ी होने से शुल्क नहीं लगेगा।
सबसे जरूरी बात यह है कि भुगतान P2P है या P2M, क्योंकि शुल्क इसी वर्गीकरण के आधार पर तय होगा।