क्या सरकार के टैक्स में छूट को 2041 तक बढ़ाने के प्रस्ताव से ऐपल होगा फायदा?
क्या है खबर?
भारत सरकार कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए टैक्स में छूट को 2041 तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम से ऐपल को फायदा हो सकता है क्योंकि वह देश में आईफोन का उत्पादन बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स कानूनों में संशोधन के ड्राफ्ट का हिस्सा यह प्रस्ताव ऐपल जैसी विदेशी कंपनियों को लंबे समय तक टैक्स से जुड़ी निश्चितता देने के लिए है। ये कंपनियां देश में अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को मशीनरी सप्लाई करती हैं।
प्रस्ताव
क्या है सरकार का प्रस्ताव?
रॉयटर्स के अनुसार, ड्र्राफ्ट बिल के तहत कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को आपूर्ति किए जाने वाले उपकरण पर मिलने वाली छूट उन कंपनियों पर लागू होगी, जो मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, सुनने में मदद करने वाले और वियरेबल डिवाइस के उत्पादन से जुड़ी हैं।
सरकार ने भारत में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के लिए इन उत्पादों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स को स्टोर और सप्लाई करने से विदेशी कंपनियों को होने वाली आय पर 2041 तक छूट देने का प्रस्ताव रखा है।
शुरुआत
ऐपल के दबाव के बाद हुआ था लागू
ऐपल की ओर से इनकम टैक्स नियमों में बदलाव के लिए सरकार पर दबाव बनाने के बाद इस साल फरवरी में विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट की शुरुआत की, जो 2031 तक लागू रहेगी।
उसने तर्क दिया कि मैन्युफैक्चरर्स को सप्लाई की जाने वाली मशीनरी की ओनरशिप को 'बिजनेस कनेक्शन' मानकर आईफोन के मुनाफे पर टैक्स लग सकता है।
अब इसी को 2041 तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे कंपनी टैक्स की चिंता बिना कॉन्ट्रैक्टर्स को मशीनें दे सकेगी।