क्यों क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल न भरना आपको पड़ सकता है भारी?
क्या है खबर?
क्रेडिट कार्ड लोगों को तुरंत खरीदारी करने और बाद में भुगतान करने की सुविधा देते हैं। कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ 'मिनिमम ड्यू' भर देने से उन्हें कोई अतिरिक्त नुकसान नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। अगर पूरा बिल समय पर जमा नहीं किया जाता, तो बैंक ब्याज लगाना शुरू कर देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल तभी सुरक्षित माना जाता है, जब हर महीने पूरा बकाया समय पर चुका दिया जाए।
ब्याज
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जब ग्राहक पूरा बिल जमा कर देता है, तब उसे 20-50 दिनों तक ब्याज मुक्त समय मिल सकता है। लेकिन आंशिक भुगतान करते ही यह सुविधा खत्म हो जाती है। इसके बाद बैंक पुराने और नए दोनों खर्चों पर ब्याज लगाना शुरू कर देती हैं। कई बैंक सालाना 30-45 प्रतिशत तक ब्याज वसूलती हैं। यह ब्याज रोजाना के हिसाब से जुड़ता रहता है। इसी कारण छोटा बकाया धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल सकता है और बिल अचानक बढ़ जाता है।
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मिनिमम ड्यू का विकल्प बना सकता है कर्जदार
क्रेडिट कार्ड में दिखाया जाने वाला "मिनिमम ड्यू" आमतौर पर कुल बिल का छोटा हिस्सा होता है। इसे भरने से अकाउंट बंद नहीं होता, लेकिन असली बकाया लगभग वैसा ही बना रहता है। ऐसे में ग्राहक का अधिकतर पैसा ब्याज चुकाने में चला जाता है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार केवल मिनिमम भुगतान करने से व्यक्ति लंबे समय तक कर्ज में फंस सकता है। इससे कई लोग धीरे-धीरे बढ़ते बिल के कारण आर्थिक दबाव महसूस करने लगते हैं।
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क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर
पूरा भुगतान न करने का असर केवल ब्याज तक सीमित नहीं रहता है। ज्यादा बकाया रहने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन बढ़ जाता है, जिससे क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है। बैंक और दूसरी वित्तीय संस्थाएं इसे जोखिम के संकेत के रूप में देखती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहक हर महीने पूरा बिल भरने की आदत बनाए रखें। अगर ऐसा संभव न हो, तो खर्च तुरंत कम करना चाहिए और जल्द से जल्द बकाया साफ करना चाहिए।