ट्रूकॉलर क्यों कर रही 15 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी?
क्या है खबर?
स्वीडन की कॉलर ID कंपनी ट्रूकॉलर ने अपनी करीब 15 प्रतिशत वर्कफोर्स की छंटनी करने का फैसला लिया है। कंपनी लगभग 70 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। यह फैसला कंपनी के 2026 की पहली तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद सामने आया है। ट्रूकॉलर की कमाई और मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खास तौर पर भारत में कंपनी के कारोबार पर ज्यादा असर पड़ा है, जिसे ट्रूकॉलर का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है।
वजह
क्यों छंटनी कर रही है कंपनी?
कंपनी ने बताया कि भारत में रियल मनी गेमिंग ऐप्स पर लगे बैन से उसके विज्ञापन कारोबार को बड़ा नुकसान हुआ है। पहले IPL सीजन के दौरान ऐसे ऐप्स से कंपनी को काफी विज्ञापन मिलते थे। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में जारी अशांति से भी कंपनी की कमाई प्रभावित हुई है। ट्रूकॉलर के CEO ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार कंपनी को कई बड़े बाजारों में कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है।
अन्य वजह
गूगल एल्गोरिदम और कम डाउनलोड का असर
ट्रूकॉलर ने यह भी कहा कि उसके बड़े प्रोग्रामेटिक पार्टनर के एल्गोरिदम बदलाव से ऐड रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट्स में इसे गूगल से जोड़ा गया है। वहीं पिछले एक साल में कंपनी के डाउनलोड में भी 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। भारत में टेलीकॉम कंपनियों की कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन जैसी सेवाओं से भी ट्रूकॉलर को कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। इन सभी वजहों से कंपनी की नेट सेल्स और विज्ञापन कमाई दोनों पर असर पड़ा है।
AI फीचर्स
AI फीचर्स और पेड सर्विस पर बढ़ा फोकस
इन चुनौतियों के बीच ट्रूकॉलर अब अपने AI फीचर्स और पेड सर्विस को मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी AI असिस्टेंट और फैमिली प्रोटेक्शन जैसी सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दे रही है। ट्रूकॉलर ने बताया कि उसके एक्टिव यूजर्स की संख्या अब 500 मिलियन के पार पहुंच गई है। सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी को उम्मीद है कि नए फीचर्स से आगे कारोबार में सुधार देखने को मिल सकता है।