एथर एनर्जी में 200 करोड़ रुपये का निवेश क्यों कर रही है सरकार?
क्या है खबर?
भारत सरकार समर्थित इंडिया-जापान फंड ने एथर एनर्जी में 200 करोड़ रुपये निवेश करने का फैसला किया है। यह निवेश कंपनी के 2,500 करोड़ रुपये के फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य किसी एक कंपनी को फायदा पहुंचाना नहीं, बल्कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास को बढ़ावा देना है। इसके जरिए भारत को स्वच्छ परिवहन, आधुनिक विनिर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है।
वजह
एथर की अपनी तकनीक बनी सबसे बड़ी वजह
एथर एनर्जी की खास बात यह है कि कंपनी अपनी कई महत्वपूर्ण तकनीक खुद विकसित करती है।
इसमें बैटरी प्रबंधन प्रणाली, सॉफ्टवेयर, कनेक्टेड वाहन तकनीक, चार्जिंग नेटवर्क और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल हैं। इंडिया-जापान फंड में भारत सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन की 51 प्रतिशत है।
सरकार का मानना है कि ऐसी घरेलू तकनीक विकसित करने वाली कंपनियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
आयात
85 प्रतिशत तेल आयात करता है भारत
सरकार लंबे समय से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ईंधन आयात कम करने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही, देश में नई फैक्ट्रियां, आधुनिक उद्योग और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
अन्य
दूसरे निवेशकों को भी मिला बड़ा संदेश
सरकार समर्थित फंड का यह निवेश दूसरे निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इससे यह मैसेज जाता है कि इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र को लंबे समय तक नीतिगत समर्थन मिलता रहेगा। यह फंड पहले भी महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और ईकेए मोबिलिटी जैसी कंपनियों में निवेश कर चुका है।
सरकार का लक्ष्य केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि पूरे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और उसके मजबूत तंत्र को विकसित करना है।