बेकार पड़े पुराने बैंक खाते को बंद करने में ही भलाई, वरना झेलनी पड़ेंगी ये मुसीबतें
क्या है खबर?
बैंक खाता खुलवाना आसान हो जाने के कारण लोग कई अकाउंट्स का संचालन करते हैं। ज्यादा खाते होने पर कई बार ऐसा होता है कि आप किसी खाते का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। वे इसे बंद कराने का प्रयास नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर, खाता इस्तेमाल में नहीं है तो उसे खुले रहने देने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हकीकत में यह नुकसान पहुंचाता है। आइये जानते हैं पुराने खाते क्यों बंद कराना जरूरी है।
न्यूनतम बैलेंस
न्यूनतम बैलेंस रखने का झंझट
बैंक खाता खुलवाना आसान हो जाने के कारण लोग कई अकाउंट्स का संचालन करते हैं। ज्यादा खाते होने पर कई बार ऐसा होता है कि आप किसी खाते का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। वे इसे बंद कराने का प्रयास नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर खाता इस्तेमाल में नहीं है तो उसे खुले रहने देने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हकीकत में यह नुकसान पहुंचाता है। आइये जानते हैं पुराने खाते क्यों बंद कराना जरूरी है।
खतरा
साइबर फ्राड का रहता है खतरा
बेवजह के शुल्क: बैंक सालाना डेबिट कार्ड फीस 100 से 1,000 रुपये तक वसूलती है। इसी तरह SMS शुल्क भी लिया जाता है। आप अकाउंट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो भी ये फीस चुकानी ही होंगी। इसलिए अकाउंट को बंद कराकर इनसे छुटकारा पाना ही सही है। साइबर फ्राड का खतरा: लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बैंक खाते साइबर अपराधियों के लिए आसान निशाना बन जाते हैं। इनका इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए किया जा सकता है।
ITR
ITR भरने में आती है दिक्कत
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय भी ऐसा गैर-जरूरी खाता परेशानी का कारण बन जाता है, जो लोग टैक्स देते हैं, उन्हें ITR फाइल करते समय अपने सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी देनी होती है। इसके लिए बैंकों से स्टेटमेंट निकलवानी होती है। अगर, आप किसी अकाउंट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो भी उसकी स्टेटमेंट आपको बैंक से लेनी होगी। यह बिना बात का ही झंझट है, जिसे ऐसे अकाउंट को बंद करके टाला जा सकता है।