भूटान बिटकॉइन में क्यों कर रहा है बड़ा निवेश?
क्या है खबर?
भूटान ने अपने भविष्य की दिशा बदलने के लिए बिटकॉइन में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। देश ने अपने नेशनल क्रिप्टोकरेंसी रिजर्व से करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 90 अरब रुपये) के बिटकॉइन निवेश की योजना बनाई है। इस फैसले की घोषणा राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने नेशनल डे भाषण में की। यह निवेश गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी नाम के एक बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसे देश के विकास का नया आधार माना जा रहा है।
वजह
भूटान क्यों कर रहा बिटकॉइन में निवेश?
सरकार ने साफ किया है कि बिटकॉइन में किया गया निवेश गेलेफू भूटान माइंडफुलनेस सिटी के विकास में इस्तेमाल होगा। यह शहर भारत सीमा के पास बनाया जाएगा और इसे एक आधुनिक आर्थिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल बिज़नेस और नई स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे देश में निवेश बढ़ेगा और नए अवसर पैदा होंगे।
कोशिश
युवाओं को देश में रोकने की कोशिश
भूटान में बड़ी चुनौती युवाओं का विदेश पलायन है, क्योंकि पढ़ाई और नौकरी के लिए बड़ी संख्या में युवा देश छोड़ रहे हैं। सरकार मानती है कि माइंडफुलनेस सिटी इस समस्या का समाधान बन सकती है। यहां रोजगार, ट्रेनिंग और बिज़नेस के नए मौके मिलेंगे। अधिकारियों को भरोसा है कि टेक्नोलॉजी और नवाचार से जुड़े प्रोजेक्ट युवाओं को देश में ही भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करेंगे, स्थायी विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत दिशा देंगे।
अन्य
परंपरा और तकनीक का संतुलन
भूटान खुद को परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाने वाला देश मानता है। देश पहले से ही जलविद्युत से अच्छी आमदनी करता है और स्वच्छ ऊर्जा का निर्यात करता है। इसी ऊर्जा से क्रिप्टो माइनिंग भी की जा रही है। सरकार का कहना है कि बिटकॉइन निवेश से आर्थिक मजबूती आएगी, रोजगार बढ़ेगा, नई तकनीक आएगी, युवाओं के लिए नए अवसर बनेंगे, लेकिन सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों से समझौता नहीं किया जाएगा।