28 से 30 सितंबर तक बैंकों ने क्यों बुलाई हड़ताल? जानिए क्या है मांग
क्या है खबर?
बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के आखिरी दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल को टालने से इनकार कर दिया है। 22 सितंबर को हुई सुलह बैठक में सहमति नहीं बनने के बाद यूनियनों ने हड़ताल जारी रखने की बात कही है। इससे पांच दिनों तक शाखाओं में भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
मांग
पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना है।
यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है।
22 सितंबर की बैठक में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और वित्तीय सेवा विभाग ने सरकार के विचार करने की बात कही, लेकिन यूनियनों को ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
आंदोलन
ठोस कदम मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन ने कहा है कि हड़ताल तभी टाली जाएगी, जब इस मांग को लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम सामने आए। यूनियनों के कार्यक्रम में 26 अक्टूबर से हड़ताल का भी जिक्र है।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों से हड़ताल से बचने की अपील की है।
परेशानी
ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
ग्राहकों को 28 से 30 सितंबर की हड़ताल के दौरान शाखाओं से जरूरी काम पहले निपटा लेने की सलाह दी गई है।
26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण पांच दिनों तक शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, असर कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
ATM, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रह सकती हैं, जबकि दस्तावेज और चेक से काम में देरी हो सकती है।