LOADING...
केंद्र सरकार क्यों बढ़ाना चाहती है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की अवधि?
सेमीकंडक्टर मिशन को बढ़ाने की तैयारी

केंद्र सरकार क्यों बढ़ाना चाहती है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की अवधि?

May 20, 2026
03:08 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के दूसरे चरण को लंबी अवधि तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार मौजूदा पांच साल की योजना को बढ़ाकर करीब 12 साल तक ले जाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत बनाना है। बताया जा रहा है कि सरकार खास तौर पर उन कंपनियों को समर्थन देना चाहती है, जो चिप बनाने वाली फैक्ट्रियों को जरूरी कच्चा माल और दूसरे कंपोनेंट उपलब्ध कराती हैं।

MSME

MSME कंपनियों को मिलेगा समर्थन

सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय MSME कंपनियां बड़ी वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों की सप्लायर बनें। छोटे कारोबारों को गुणवत्ता और बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए लंबे समय तक सहायता की जरूरत होती है। इसी वजह से नई योजना को लंबी अवधि के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाली गैस, कच्चा माल और दूसरे जरूरी उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को भी आर्थिक और तकनीकी सहायता देने पर विचार कर रही है।

डिजाइन

डिजाइन और निर्माण पर रहेगा फोकस

ISM के दूसरे चरण में भारत के चिप डिजाइन सेक्टर को भी मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार उन कंपनियों को बढ़ावा देना चाहती है जिनके पास देश के अंदर विकसित तकनीक और बौद्धिक संपदा अधिकार मौजूद हैं। इसके साथ ही, सरकार चिप फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मिलने वाली सब्सिडी में बदलाव कर सकती है। बताया जा रहा है कि पहले मिलने वाली 50 प्रतिशत सहायता को घटाकर करीब 30 प्रतिशत किया जा सकता है।

Advertisement

निवेश

पहले चरण में हुए बड़े निवेश

सरकार ने दिसंबर, 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी। पहले चरण में 12 बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई, जिनमें करीब 1.64 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। गुजरात में माइक्रोन और टाटा समूह जैसे प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुके हैं। हाल ही में सरकार ने दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को वैश्विक चिप निर्माण बाजार में मजबूत पहचान बनाने में मदद मिल सकती है।

Advertisement