जोमैटो ने रेस्टोरेंट्स में एनालॉग पनीर के इस्तेमाल पर क्यों लगाई रोक?
क्या है खबर?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने रेस्टोरेंट्स में मिलने वाले पनीर को लेकर जरूरी निर्देश जारी किया है। कंपनी ने पार्टनर्स से एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल रोकने को कहा है। रेस्टोरेंट्स को ऐसी डिश में असली डेयरी पनीर इस्तेमाल करना होगा या उसे मेन्यू से हटाना होगा। जोमैटो ने सप्लायर के पैकेट पर लिखी जानकारी और सामग्री की भी जांच करने को कहा है, ताकि ग्राहकों को खाने में इस्तेमाल होने वाले पनीर की सही जानकारी मिल सके।
निर्माण
एनालॉग पनीर कैसे तैयार होता है?
एनालॉग पनीर देखने में बिल्कुल सामान्य पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसे तैयार करने का तरीका अलग होता है।
इसमें दूध से मिलने वाले कुछ या सभी हिस्सों की जगह वनस्पति तेल, फैट, स्टार्च या पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर भी मिलाए जा सकते हैं।
अलग-अलग कंपनियों के प्रोडक्ट में सामग्री बदल सकती है। इसलिए सिर्फ देखकर यह पहचानना मुश्किल होता है कि पनीर कैसे बनाया गया है।
वजह
जोमैटो ने क्यों लिया यह फैसला?
जोमैटो का यह फैसला मुख्य रूप से ग्राहकों को खाने की सही जानकारी देने से जुड़ा है।
अगर किसी डिश में पारंपरिक पनीर की जगह एनालॉग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा रहा है, तो ग्राहक को इसकी जानकारी होना जरूरी है। कंपनी ने रेस्टोरेंट्स से अपने सप्लायर के लेबल और सामग्री की जानकारी जांचने को भी कहा है।
इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाला प्रोडक्ट वास्तव में किस चीज से तैयार किया गया है।
अंतर
असली पनीर से क्या अंतर है?
सामान्य पनीर पूरी तरह दूध से तैयार किया जाता है।
दूध को गर्म करने के बाद नींबू या सिरका डालकर उसे फाड़ा जाता है और फिर जमा हुआ हिस्सा दबाकर पनीर बनाया जाता है। दूसरी तरफ, एनालॉग पनीर में दूध की जगह दूसरी सामग्री इस्तेमाल हो सकती है।
इस वजह से दोनों के पोषण में अंतर रहता है। कुछ एनालॉग प्रोडक्ट में असली पनीर की तुलना में प्रोटीन कम और फैट या कैलोरी ज्यादा हो सकती है।
पहचान
खरीदते समय कैसे करें पहचान?
पैकेट वाला पनीर खरीदते समय सिर्फ उसकी शक्ल या बनावट पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
पैकेट पर दी गई सामग्री की पूरी सूची पढ़ना ज्यादा जरूरी है। उसमें इस्तेमाल तेल, फैट, स्टार्च, प्लांट प्रोटीन और दूसरे पदार्थों की जानकारी देखें। साथ ही प्रोटीन, सैचुरेटेड फैट और सोडियम की मात्रा भी जांचें।
रेस्टोरेंट में पनीर की डिश लेते समय जरूरत पड़ने पर पूछ सकते हैं कि उसमें किस तरह का पनीर इस्तेमाल किया गया है।