गूगल पर पत्रकारों ने क्यों किया मुकदमा?
क्या है खबर?
अमेरिका में कई पत्रकारों, पॉडकास्टर्स और ऑडियोबुक नैरेटर्स ने गूगल के खिलाफ बड़ा मुकदमा दायर किया है। इलिनोइस की फेडरल कोर्ट में दायर इस केस में आरोप लगाया गया है कि गूगल ने AI सिस्टम तैयार करने के लिए इंसानी आवाज़ों का गलत इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया कि कंपनी ने गूगल असिस्टेंट, जेमिनी लाइव और दूसरी AI सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रिकॉर्डिंग का उपयोग किया। इसमें कई पत्रकार और पुरस्कार जीत चुके मीडिया प्रोफेशनल शामिल हैं।
विवाद
आवाज रिकॉर्डिंग के इस्तेमाल पर विवाद
मुकदमा करने वालों का आरोप है कि गूगल ने बिना अनुमति उनकी आवाज़ रिकॉर्डिंग को AI मॉडल ट्रेन करने में इस्तेमाल किया। कंपनी ने इंटरनेट से हजारों घंटों की रिकॉर्डिंग जुटाईं और उन्हें AI वॉयस सिस्टम के लिए इस्तेमाल किया। केस में कहा गया कि इस्तेमाल की गई रिकॉर्डिंग प्रोफेशनल स्टूडियो क्वालिटी की थीं और लंबे समय तक बोलने वाले कंटेंट से जुड़ी थीं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे उनके बायोमेट्रिक डेटा और पब्लिसिटी अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
विवाद
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे विवाद
AI ट्रेनिंग के लिए कंटेंट और आवाज़ इस्तेमाल करने को लेकर पहले भी कई टेक कंपनियां विवादों में आ चुकी हैं। इससे पहले लेखक, कलाकार और मीडिया संस्थान भी अदालत पहुंच चुके हैं। इसी साल NPR के पूर्व होस्ट डेविड ग्रीन ने भी गूगल पर उनकी आवाज़ का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। वहीं कुछ वॉइस एक्टर्स ने AI वॉइसओवर कंपनियों पर उनकी आवाज़ कॉपी करने को लेकर मुकदमा दायर किया है।
जवाब
गूगल की तरफ से नहीं आया जवाब
गूगल ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने मीडिया के सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया। मुकदमा करने वालों ने अदालत से आर्थिक मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि AI कंपनियों को लोगों की आवाज और निजी डाटा इस्तेमाल करने से पहले स्पष्ट अनुमति लेनी चाहिए। यह मामला अब अमेरिका में AI तकनीक, डिजिटल अधिकार और डेटा सुरक्षा से जुड़े नियमों पर चर्चा को और बढ़ा सकता है।