क्यों बोइंग को रोकना पड़ा 777 फ्रेटर और 767 विमानों का उत्पादन?
क्या है खबर?
अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग को अपने 777 फ्रेटर (मालवाहक विमान) का उत्पादन लगभग 2 महीनों के लिए रोकना पड़ा है। फ्लोरिडा स्थित एक छोटे आपूर्तिकर्ता के साथ विवाद के कारण आई इस रुकावट ने 767 विमानों के उत्पादन पर भी असर डाला है, जिसमें फ्रेटर और KC-46 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) शामिल हैं। अदालती दस्तावेजों में बताया गया है कि विमान निर्माता का फ्लोरिडा स्थित आपूर्तिकर्ता वेरो के साथ विवाद चल रहा है।
शिकायत
बोइंग ने दर्ज कराई थी शिकायत
रॉयटर्स के अनुसार, बोइंग ने अगस्त में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि आपूर्तिकर्ता वेरो ने 'ट्रेलिंग-एज रिब किट' नामक एक महत्वपूर्ण विंग कंपोनेंट की आपूर्ति रोक दी है।
इस वजह से वाशिंगटन के एवरेट स्थित विंग-प्रोडक्शन प्लांट में काम ठप हो गया, जहां 777 फ्रेटर और 767 प्रोग्राम के लिए पुर्जे बनाए जाते हैं।
इस रुकावट के कारण बोइंग को हर दिन 65 करोड़ डॉलर (करीब 6,100 करोड़ रुपये) तक का नुकसान हो रहा है।
समझौता
सितंबर में हो चुका है दोनों के बीच समझौता
बोइंग ने शिकायत में कहा कि 'ट्रेलिंग-एज रिब किट' अति आवश्यक पुर्जा है और वेरो इसकी एकमात्र आपूर्तिकर्ता है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले बोइंग के 3 कर्मचारियों के अनुसार, सितंबर के आखिर में दोनों कंपनियों के बीच समझौता हो जाने के बावजूद 777 फ्रेटर (मालवाहक विमान) का उत्पादन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
इन लोगों ने बताया कि इस विवाद की वजह से 767 (एक वाइडबॉडी कार्गो और सैन्य विमान) के उत्पादन पर भी असर पड़ा।