तेल, पेंट और डिलीवरी कंपनियों के शेयरों में क्यों दिख रही गिरावट?
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार (8 जून) को भारतीय शेयर बाजार में कुछ कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। ईरान और इजरायल के बीच नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई, जिसका असर बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इसके बाद तेल, पेंट और डिलीवरी से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वजह
क्यों आई इन शेयरों में कमजोरी?
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से कई कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। तेल महंगा होने पर ईंधन, परिवहन और कच्चे माल का खर्च बढ़ जाता है। इसी चिंता के चलते निवेशकों ने कुछ शेयरों में बिकवाली की। बाजार को डर है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। यही वजह रही कि कई क्षेत्रों के शेयर दबाव में दिखाई दिए।
तेल और पेंट
तेल और पेंट कंपनियों के शेयर फिसले
तेल मार्केटिंग कंपनियों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। HPCL का शेयर करीब 1.7 प्रतिशत गिरकर 378 रुपये के आसपास पहुंच गया, जबकि BPCL में लगभग 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, पेंट कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। एशियन पेंट्स करीब 0.8 प्रतिशत और बर्जर पेंट्स लगभग 1 प्रतिशत तक फिसल गया। निवेशकों को चिंता है कि महंगे कच्चे तेल से इन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।
डिलीवरी
डिलीवरी कंपनियों और तेल आपूर्ति पर नजर
फूड डिलीवरी कंपनी इटरनल के शेयर में भी करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। माना जा रहा है कि ईंधन महंगा होने से डिलीवरी खर्च बढ़ सकता है। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बाजार की नजर बनी हुई है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा या अतिरिक्त शुल्क से वैश्विक तेल कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।