कौन हैं विक बजाज, जिन पर जेफ बेजोस ने अपने नए AI स्टार्टअप की जिम्मेदारी सौंपी?
क्या है खबर?
अरबपति जेफ बेजोस ने एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप 'प्रोमेथियस' की शुरुआत की है। बेजोस इस स्टार्टअप का नेतृत्व भारतीय मूल के वैज्ञानिक विक्रम 'विक' बजाज के साथ कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य एक आर्टिफिशियल जनरल इंजीनियर तैयार करना है। प्रोमेथियस ने हाल ही में 12 अरब डॉलर (लगभग 1,150 अरब रुपये) की फंडिंग जुटाई है और इसकी वैल्यू 41 अरब डॉलर (लगभग 3,900 अरब रुपये) आंकी गई है। यह स्टार्टअप नवंबर, 2025 में लॉन्च हुआ था।
परिचय
कौन हैं विक्रम 'विक' बजाज?
बजाज का जन्म 1977 में कनाडा में भारतीय मूल के परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता भारत की आजादी के बाद कनाडा जाकर बसने वाले शुरुआती भारतीय परिवारों में शामिल थे। उनकी मां डॉक्टर थीं, जबकि पिता शिक्षा क्षेत्र में काम करते थे। बजाज ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से फिजिकल केमिस्ट्री में पीएचडी की और बाद में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में शोध कार्य किया।
करियर
गूगल एक्स से शुरू हुआ बड़ा सफर
बजाज ने वैज्ञानिक के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में 2013 में गूगल एक्स से जुड़ गए। यहां उन्होंने गूगल लाइफ साइंसेज यूनिट की सह-स्थापना की, जिसे बाद में वेरिली के नाम से अलग कंपनी बनाया गया। उन्होंने गूगल एक्स में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया और वेमो जैसे शुरुआती प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे। बाद में उन्होंने कैंसर स्क्रीनिंग कंपनी ग्रेल में भी अहम भूमिका निभाई और स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में काम जारी रखा।
पहचान
निवेशक और उद्यमी के रूप में पहचान
गूगल छोड़ने के बाद बजाज निवेश और स्टार्टअप की दुनिया में सक्रिय हो गए। वह फोरसाइट कैपिटल में मैनेजिंग डायरेक्टर बने और बाद में फोरसाइट लैब्स के सह-संस्थापक और CEO बने। इस मंच के जरिए उन्होंने कई लाइफ साइंस और हेल्थ टेक कंपनियों को आगे बढ़ाने में मदद की। फोरसाइट लैब्स ने करीब 4 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई और कई नई कंपनियों को विकसित किया। प्रोमेथियस भी इसी इनक्यूबेटर से निकला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जाता है।
ध्यान
अब प्रोमेथियस पर पूरा ध्यान
बजाज ने फरवरी, 2026 में फोरसाइट लैब्स के CEO पद से इस्तीफा देकर प्रोमेथियस पर पूरा ध्यान देना शुरू किया। वह अभी भी ब्रिटेन की जीनोमिक्स इंग्लैंड कंपनी के बोर्ड सदस्य हैं और स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन में एडजंक्ट प्रोफेसर की भूमिका भी निभा रहे हैं। बेजोस के साथ मिलकर वह AI आधारित नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रोमेथियस अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को कितना आगे ले जा पाता है।