H-1B वीजा धोखाधड़ी केस में फंसे भारतीय मूल के CEO नीरज शर्मा कौन हैं?
क्या है खबर?
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नागरिकता रद्द करने की बड़ी कार्रवाई शुरू की है। न्याय विभाग ने 17 लोगों के खिलाफ मामला दायर किया है। इन पर नागरिकता हासिल करने के दौरान गलत जानकारी देने, धोखाधड़ी करने या अहम तथ्य छिपाने के आरोप हैं। इस सूची में भारत में जन्मे कारोबारी नीरज शर्मा का नाम भी शामिल है। सरकार का कहना है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो उनकी अमेरिकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।
परिचय
कौन हैं नीरज शर्मा?
नीरज भारत में जन्मे हैं और अमेरिका में स्टाफिंग कंपनी मैग्नाविजन LLC के मालिक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रह चुके हैं। उनकी कंपनी विदेशी कर्मचारियों के लिए H-1B वीजा आवेदन दाखिल करने का काम करती थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नीरज ने कई वर्षों तक इस क्षेत्र में काम किया। दिसंबर, 2017 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली थी। अब उनका नाम न्याय विभाग की कार्रवाई में शामिल किया गया है।
आरोप
वीजा मामलों को लेकर लगे आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि नीरज ने 2015 से 2017 के बीच 11 फर्जी H-1B वीजा आवेदन जमा किए थे। इन आवेदनों में विदेशी कर्मचारियों को बड़ी वित्तीय संस्थाओं में नौकरी मिलने का दावा किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों में जाली हस्ताक्षर और गलत जानकारी दी गई थी। बाद में उन्हें वीजा धोखाधड़ी से जुड़े मामले में दोषी भी ठहराया गया। इसी मामले को अब नागरिकता से जोड़कर देखा जा रहा है।
वजह
क्यों हो रही है नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई?
सरकार का कहना है कि नीरज ने नागरिकता आवेदन के समय शपथ लेकर बताया था कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया और कभी सरकारी अधिकारियों को गलत जानकारी नहीं दी। न्याय विभाग का आरोप है कि यह दावा सही नहीं था और उन्होंने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए। इसी आधार पर सरकार अदालत से उनकी नागरिकता रद्द करने की मांग कर रही है। मामला अब संघीय अदालत में चलेगा, जहां नीरज आरोपों को चुनौती दे सकते हैं।
कार्रवाई
17 लोगों पर कार्रवाई
नीरज के अलावा 16 अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इनमें बच्चों के यौन शोषण, मनी लॉन्ड्रिंग, वायर फ्रॉड और इमिग्रेशन धोखाधड़ी जैसे मामलों के आरोपी या दोषी लोग शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह नागरिकता प्रक्रिया में धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ा अभियान है। न्याय विभाग ने सैकड़ों अन्य मामलों की भी पहचान की है और आने वाले समय में ऐसे और मामलों में कार्रवाई की जा सकती है।