LOADING...
कौन हैं इरीना घोष, जिन्हें एंथ्रोपिक ने भारत में प्रबंध निदेशक किया नियुक्त?
इरीना घोष के पास टेक्नोलॉजी सेक्टर में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है

कौन हैं इरीना घोष, जिन्हें एंथ्रोपिक ने भारत में प्रबंध निदेशक किया नियुक्त?

Jan 16, 2026
12:49 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने से पहले इरीना घोष को इंडिया प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त करने की घोषणा की है। यह ऐलान आज (16 जनवरी) किया गया है। एंथ्रोपिक का कहना है कि भारत उसके वैश्विक विस्तार की रणनीति में एक अहम बाजार है और यहां AI के इस्तेमाल की बड़ी संभावनाएं हैं।

परिचय

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया से एंथ्रोपिक तक सफर

घोष के पास टेक्नोलॉजी सेक्टर में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। एंथ्रोपिक से जुड़ने से पहले वह माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर थीं। माइक्रोसॉफ्ट में उन्होंने 24 साल तक काम किया और बैंकिंग, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी क्षेत्रों में एंटरप्राइज AI को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। कंपनी के इंटरनेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस सियाउरी ने कहा कि इरीना का अनुभव भारत विस्तार के लिए बेहद उपयोगी रहेगा।

रणनीति

भारत में एंथ्रोपिक का फोकस और रणनीति

एंथ्रोपिक का कहना है कि उसकी भारत टीम नीति निर्माताओं, शिक्षण संस्थानों और डेवलपर्स के साथ मिलकर काम करेगी। कंपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए AI आधारित टूल विकसित करना चाहती है। इसके साथ ही एंथ्रोपिक भारत में अलग-अलग उद्योगों के साथ साझेदारी बढ़ाएगी। कंपनी बेंगलुरु को तकनीकी केंद्र मानते हुए यहां से देशभर में अपनी AI सेवाओं और रिसर्च गतिविधियों को मजबूत करने की योजना बना रही है।

Advertisement

अन्य

भारतीय भाषाओं और जिम्मेदार AI पर जोर

एंथ्रोपिक ने साफ किया है कि वह भारतीय भाषाओं में AI मॉडल ट्रेनिंग को प्राथमिकता देगी। कंपनी बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, गुजराती और उर्दू जैसी भाषाओं पर काम कर रही है। कंपनी के अनुसार भारत में तकनीकी टैलेंट और सरकार की समावेशी AI नीति इसे खास बनाती है। एंथ्रोपिक का मानना है कि भारत वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार और लोकतांत्रिक AI विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

Advertisement