कौन हैं शशि और रवि रुइया, जिनका एस्सार ग्रुप लगाएगा अमेरिका में विशाल स्टील फैक्ट्री?
क्या है खबर?
भारत का एस्सार ग्रुप अमेरिका में सबसे बड़ा विदेशी निवेश करने जा रहा है। समूह ने अमेरिका में 18 अरब डॉलर (लगभग 1,700 अरब रुपये) निवेश की घोषणा की है, जिसमें आयोवा में 15 अरब डॉलर का स्टील प्लांट बनाना शामिल है। इस परियोजना को एस्सार की मेसाबी मेटालिक्स विकसित करेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में इसकी घोषणा की। इस दौरान रुइया परिवार के सदस्य मौजूद रहे और रेवंत रुइया ने योजना की जानकारी दी।
परिचय
कौन हैं शशि और रवि रुइया?
एस्सार की शुरुआत शशि रुइया और रवि रुइया ने 1969 में की थी।
दोनों भाइयों ने निर्माण कारोबार से सफर शुरू किया था। उनका शुरुआती काम चेन्नई पोर्ट से जुड़ी एक परियोजना थी, जिसकी लागत उस समय करीब 2.5 करोड़ रुपये थी।
आगे कारोबार का विस्तार स्टील, तेल और गैस, बिजली, बंदरगाह, शिपिंग और तकनीक जैसे क्षेत्रों में हुआ। एस्सार नाम भी शशि और रवि के नाम के पहले अक्षरों से मिलकर बना है।
ऊर्जा
स्टील से ऊर्जा तक फैला कारोबार
शशि रुइया बड़े थे और उन्होंने एस्सार की रणनीति और विस्तार में भूमिका निभाई।
नवंबर, 2024 में 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। छोटे भाई रवि रुइया ने समूह के विदेशी कारोबार को बढ़ाने में भूमिका निभाई।
उन्होंने अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया जैसे बाजारों में एस्सार की योजनाओं को आगे बढ़ाया। आज समूह ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, धातु और खनन तथा रिटेल क्षेत्रों में काम करता है।
कारोबार
शशि ने बढ़ाया कारोबार
रवि रुइया के बेटे रेवंत रुइया अब तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वह मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन हैं, जो अमेरिका में एस्सार के लौह अयस्क और स्टील कारोबार से जुड़ी कंपनी है। रेवंत को तेल और गैस, रिफाइनिंग, धातु और खनन तथा रिटेल का अनुभव है।
एस्सार के अनुसार, वह समूह के विस्तार और नए कारोबार पर काम कर रहे हैं। मिनेसोटा से लौह अयस्क लेकर आयोवा में स्टील बनाने की योजना है।