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स्वास्थ्य बीमा में टॉप-अप या सुपर टाॅप-अप में से क्या चुनें? जानिए दोनों में अंतर
स्वास्थ्य बीमा में टॉप-अप या सुपर टाॅप-अप प्लान चुनने से पहले इनमें अंतर पता होना जरूरी है

स्वास्थ्य बीमा में टॉप-अप या सुपर टाॅप-अप में से क्या चुनें? जानिए दोनों में अंतर

Apr 08, 2026
08:07 am

क्या है खबर?

स्वास्थ्य बीमा में टॉप-अप और सुपर टॉप-अप स्कीम्स एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इनको लेकर लोगों के बीच कई गलतफहमियां बनी हुई हैं। जानकारों की मानें तो समझ की कमी दावों से संबंधित मामलों में आपका जेब खर्च बढ़ा सकते हैं। दोनों के बीच अंतर बीमा कवरेज की सीमा समाप्त होने के बाद डिडक्टिबल आधार पर इन्हें लागू करने के तरीके के कारण होता है। आइये जानते हैं टॉप-अप और सुपर टॉप-अप में क्या अंतर होता है।

टॉप-अप 

टॉप-अप प्लान में मिलते हैं ये फायदे

टॉप-अप प्लान तभी सक्रिय होता है, जब किसी एक अस्पताल में भर्ती होने का बिल कटौती योग्य राशि से अधिक हो जाता है। माना कि कटौती योग्य राशि 3 लाख रुपये है और अस्पताल का बिल 5 लाख रुपये है तो आपका टॉप-अप प्लान 2 लाख रुपये की राशि को कवर करेगा। टॉप-अप प्लान कम प्रीमियम पर व्यापक कवरेज प्रदान करते हैं। ये प्लान मौजूदा पॉलिसी में बदलाव किए बिना बीमा कवरेज को बढ़ाने की अनुमति देते हैं।

सुपर टॉप-अप 

सुपर टॉप-अप में ये खर्चे होते हैं कवर 

सुपर टॉप-अप किसी एक दावे पर विचार करने के बजाय पूरे साल के कुल चिकित्सा खर्चों की गणना करता है। जब संयुक्त चिकित्सा खर्च कटौती योग्य सीमा से अधिक हो जाते हैं तो यह प्लान खर्चों को कवर करना शुरू कर देते हैं। अगर, आपकी कटौती योग्य राशि 3 लाख रुपये है और आप एक साल में 2 बार अस्पताल में भर्ती होते हैं। इस दौरान कुल खर्च 5 लाख रुपये हो जाती है। इसमें टॉप-अप प्लान काम नहीं आएगा।

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