जियो के IPO ने पहले ही दिन कौन-कौन से रिकॉर्ड बनाए?
क्या है खबर?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहयोगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी का 30,213 करोड़ रुपये का IPO बुधवार (21 अक्टूबर) को खुला और महज 100 मिनट से भी कम समय में पूरा सब्सक्राइब हो गया। इस तेजी ने भारतीय शेयर बाजार में नए रिकॉर्ड बनाए। सुबह 11:30 बजे तक निवेशकों ने जारी 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 25.20 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई थीं।
#1
IPO के आकार में सभी कंपनियों को छोड़ा पीछे
जियो ने IPO के आकार के मामले में भारत के पिछले सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
कंपनी ने 30,213 करोड़ रुपये के शेयर बिक्री के लिए पेश किए हैं। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का IPO इस मामले में सबसे आगे था।
जियो के IPO ने शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े IPO के रूप में जगह बनाई है। इससे देश के प्राथमिक बाजार में इसकी अहमियत भी बढ़ गई है।
#2
बेहद कम समय में पूरा हुआ सब्सक्रिप्शन
जियो IPO ने पूरी तरह सब्सक्राइब होने के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। इसे खुलने के 100 मिनट से कम समय में सभी उपलब्ध शेयरों के लिए बोलियां मिल गईं।
इसके मुकाबले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का IPO पहले दिन दोपहर करीब 02:00 बजे पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ था। LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के IPO को पहले दिन कारोबार खत्म होने तक पूरा सब्सक्रिप्शन मिला था।
वहीं, हुंडई मोटर इंडिया के IPO को पहले दिन केवल 18 प्रतिशत बोलियां मिली थीं।
#3
बड़े संस्थागत निवेशकों ने सबसे पहले भरा अपना हिस्सा
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में बड़े संस्थागत निवेशकों की मांग सबसे तेजी से बढ़ी। योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित हिस्सा IPO खुलने के करीब 28 मिनट के भीतर ही पूरा सब्सक्राइब हो गया।
सुबह 11:30 बजे तक इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 3.86 गुना बोलियां आ चुकी थीं। दूसरी ओर, खुदरा निवेशकों की श्रेणी 0.35 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 0.42 गुना सब्सक्राइब हुई थी।
इससे शुरुआती मांग में संस्थागत निवेशकों की बड़ी भूमिका सामने आई।
#4
नए शेयर जारी करके रकम जुटा रही है जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की एक और खास बात यह है कि कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटा रही है।
इसमें मौजूदा निवेशकों के शेयर बेचने का प्रस्ताव शामिल नहीं है। इसके उलट, हुंडई मोटर इंडिया और LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के IPO में पुराने निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी के शेयर बेचे थे। ऐसे IPO को ऑफर फॉर सेल कहा जाता है।
जियो के IPO से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी को मिलेगी, जिसका उपयोग अलग-अलग कामों में किया जाएगा।