Loading...
EV और पेट्रोल-डीजल कार के इंश्योरेंस में क्या होता है अंतर? जानें जरूरी बातें
इनके रिपेयर या बदलने का खर्च ज्यादा हो सकता है

EV और पेट्रोल-डीजल कार के इंश्योरेंस में क्या होता है अंतर? जानें जरूरी बातें

Oct 02, 2026
06:48 pm

क्या है खबर?

अगर आप पेट्रोल या डीजल कार की जगह इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो इंश्योरेंस को भी ध्यान में रखना जरूरी है। EV का बेसिक इंश्योरेंस ढांचा पेट्रोल और डीजल कार जैसा ही रहता है, लेकिन कुछ चीजों में अंतर हो सकता है। इलेक्ट्रिक कार में बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर और दूसरे महंगे उपकरण होते हैं। इनके रिपेयर या बदलने का खर्च ज्यादा हो सकता है, इसलिए पॉलिसी लेते समय इनका कवर जरूर देखना चाहिए।

#1

बैटरी कवर में हो सकता है अंतर

EV और पेट्रोल-डीजल कार के इंश्योरेंस में बड़ा अंतर बैटरी को लेकर हो सकता है।

इलेक्ट्रिक कार की बैटरी सबसे महंगे हिस्सों में शामिल होती है और दुर्घटना में नुकसान होने पर इसकी मरम्मत या बदलाव महंगा पड़ सकता है। हालांकि, बैटरी की सामान्य उम्र बढ़ने या समय के साथ उसकी क्षमता कम होने को हर पॉलिसी में नुकसान नहीं माना जाता।

इसलिए इंश्योरेंस लेते समय बैटरी से जुड़े कवर और शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी है।

#2

रिपेयर और गैराज का नेटवर्क अलग

इलेक्ट्रिक कार की मरम्मत कई मामलों में पेट्रोल या डीजल कार से अलग होती है।

EV में हाई-वोल्टेज सिस्टम और खास इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं, जिनके लिए प्रशिक्षित तकनीशियन और विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ सकती है। हर गैराज में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होती।

इसलिए इंश्योरेंस लेते समय कंपनी के गैराज नेटवर्क की जानकारी जरूर लें। यह भी देखें कि आपके आसपास EV की मरम्मत करने वाले अधिकृत या जरूरी सुविधाओं से लैस गैराज मौजूद हैं या नहीं।

ADVERTISEMENT

#3

चार्जर और कीमत का भी असर

EV में चार्जिंग केबल और दूसरे चार्जिंग उपकरण भी होते हैं, इसलिए पॉलिसी में इनके कवर की जानकारी देखना जरूरी है।

कुछ मामलों में इनके लिए अलग से ऐड-ऑन कवर मिल सकता है। इसके अलावा, कार की कीमत भी इंश्योरेंस प्रीमियम पर असर डालती है। ज्यादा कीमत वाली EV का प्रीमियम भी अधिक हो सकता है।

पॉलिसी चुनते समय सिर्फ कम प्रीमियम न देखें, बल्कि बैटरी, चार्जर, IDV, डिडक्टिबल और ऐड-ऑन का कवर भी जांचें।

ADVERTISEMENT