AI को लेकर क्या है रिलायंस की बड़ी योजना? AGM में आकाश अंबानी ने बताया रोडमैप
क्या है खबर?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक में रिलायंस जियो इंफोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी की AI योजनाओं को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रिलायंस 2026 के आखिर तक अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के पहले 120 मेगावाट चरण को चालू कर देगी। कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंस के तहत भारत का 'सॉवरेन AI बैकबोन' तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य देश में AI के लिए कंप्यूट क्षमता की चुनौतियों को दूर करना है।
AI केंद्र
जामनगर में बन रहा बड़ा AI केंद्र
अंबानी ने बताया कि यह अत्याधुनिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर जामनगर में विकसित किया जा रहा है। यह पूरी तरह कच्छ में रिलायंस के रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म से मिलने वाली स्वच्छ ऊर्जा से संचालित होगा। कंपनी एनवीडिया के GB300 GPU के शुरुआती फ्लीट को भी चालू कर रही है। पहले चरण के पूरा होने के बाद इसकी क्षमता दो लाख से अधिक H100-इक्विवेलेंट GPU तक पहुंच सकती है, जो इसे दुनिया के बड़े AI प्लेटफॉर्म में शामिल करेगी।
भाषा
22 भारतीय भाषाओं में मिलेगा AI
रिलायंस इंटेलिजेंस भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं भी विकसित कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी 22 भारतीय भाषाओं में ऐसे AI सिस्टम तैयार कर रही है, जो सिर्फ अनुवाद नहीं करेंगे, बल्कि उसी भाषा में सोचने और जवाब देने में सक्षम होंगे। उनका कहना था कि मराठी किसान, तमिल छात्र या किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति अपनी भाषा में AI सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेगा। कंपनी का लक्ष्य AI को ज्यादा से ज्यादा भारतीयों तक पहुंचाना है।
AI उत्पाद
कई क्षेत्रों के लिए आएंगे नए AI उत्पाद
रिलायंस उपभोक्ताओं, कारोबार, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र के लिए कई AI उत्पाद भी लाने की तैयारी कर रही है। इनमें जियोभारत IQ, AI व्यापार, जियोहेल्थ IQ, जियोलर्न IQ और जियोकृषि IQ जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इन सेवाओं को भरोसेमंद, सस्ता और आसानी से इस्तेमाल करने योग्य बनाया जा रहा है। रिलायंस का उद्देश्य AI को केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों, छोटे कारोबारों और किसानों तक पहुंचाना है।
AI
सीधे जियो नेटवर्क में शामिल होगा AI
अंबानी ने कहा कि जियो अब AI को सीधे अपने नेटवर्क में शामिल कर रही है। इसके तहत यूजर्स "हे जियो" बोलकर AI एजेंट को सक्रिय कर सकेंगे। यह कॉल ट्रांसक्राइब करने, बातचीत का सार तैयार करने, मीटिंग तय करने, खाना ऑर्डर करने और कैब बुक करने जैसे काम कर सकेगा। यह सेवा इसी साल के आखिर तक जियो यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी और इससे डिजिटल सेवाओं का अनुभव पहले से ज्यादा स्मार्ट और आसान बनेगा।